नई दिल्ली:
प्रभावी लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे रविवार सुबह 10 बजे अपना अनशन छोड़ेंगे। उनकी मांगों के अनुरूप संसद में लाए गए प्रस्ताव पर बनी सैद्धांतिक सहमति के बाद उन्होंने शनिवार रात 9.15 बजे यह घोषणा की। संसद के दोनों सदनों में शनिवार को लोकपाल मुद्दे पर अन्ना हजारे की मांगों के अनुरूप लाए गए प्रस्ताव पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बनने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पत्र लेकर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री विलासराव देशमुख, सांसद संदीप दीक्षित और पूर्व केंद्रीय मंत्री विलास मुत्तेमवार सीधे रामलीला मैदान पहुंचे और उन्होंने 12 दिनों से अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे को पत्र सौंपा। रामलीला मैदान के मंच पर अन्ना हजारे और उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल के साथ मौजूद विलासराव देशमुख ने प्रधानमंत्री का पत्र वहां मौजूद हजारों समर्थकों को पढ़कर सुनाया। इसके बाद अन्ना हजारे ने समर्थकों को सम्बोधित करते हुए कहा, "जन लोकपाल की यह आधी जीत हुई है। पूरी जीत अभी बाकी है। यह पूरे युवा शक्ति की जीत है। यह जनता की जीत है। यह सामाजिक संगठन की जीत है। यह मीडिया की जीत है।" उन्होंने कहा, "कल सबेरे 10 बजे आप सभी की उपस्थिति में मैं अपना अनशन खत्म करना चाहता हूं, वह भी आपकी अनुमति से।" अन्ना हजारे ने इसके बाद समर्थकों से आग्रह किया वे जश्न जरूर मनाएं लेकिन ध्यान रखें कि इससे शांति भंग न हो और किसी को परेशानी न हो।
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जीत, अन्ना हजारे