
मौजूदा सरकार से अनिल बैजल की करीबी जग जाहिर है....
नई दिल्ली:
दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग के इस्तीफे के बाद अब पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल का उप राज्यपाल बनना करीब करीब तय है. इस बारे में कभी भी औपचारिक ऐलान हो सकता है. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गृह सचिव रहे बैजल को यूपीए सरकार ने हटा दिया था. मौजूदा सरकार से उनकी करीबी भी जगज़ाहिर है.
ख़ास बात यह है कि अनिल बैजल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का करीबी माना जाता है. दोनों ने उत्तर-पूर्व में साथ साथ काम किया है. अनिल बैजल थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन की कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा पर इस थिंक टैंक की स्थापना अजित डोभाल ने ही की थी.
नौकरशाही में 37 साल का अनुभव रखने वाले अनिल बैजल इससे पहले इंडियन एयरलाइन्स के एमडी, प्रसार भारती के सीईओ और दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाईस चेयरमैन समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं.
आपको ये बता दें कि नजीब जंग और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे है लिहाज़ा केन्द्र सरकार को ऐसा जानकार चाहिए जो ना केवल केजरीवाल सरकार पर लगाम कस सके बल्कि पार्टी का अपना आदमी होना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि नजीब जंग ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को सहयोग और प्रेम के लिए खासकर राष्ट्रपति शासन के एक साल के समय के दौरान को लेकर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता के कारण ही इस दौरान दिल्ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाया जा सका. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया है.
ख़ास बात यह है कि अनिल बैजल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का करीबी माना जाता है. दोनों ने उत्तर-पूर्व में साथ साथ काम किया है. अनिल बैजल थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन की कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा पर इस थिंक टैंक की स्थापना अजित डोभाल ने ही की थी.
नौकरशाही में 37 साल का अनुभव रखने वाले अनिल बैजल इससे पहले इंडियन एयरलाइन्स के एमडी, प्रसार भारती के सीईओ और दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाईस चेयरमैन समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं.
आपको ये बता दें कि नजीब जंग और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे है लिहाज़ा केन्द्र सरकार को ऐसा जानकार चाहिए जो ना केवल केजरीवाल सरकार पर लगाम कस सके बल्कि पार्टी का अपना आदमी होना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि नजीब जंग ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को सहयोग और प्रेम के लिए खासकर राष्ट्रपति शासन के एक साल के समय के दौरान को लेकर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता के कारण ही इस दौरान दिल्ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाया जा सका. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया है.
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