
अमित शाह (फाइल फोटो)
नयी दिल्ली:
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरदार पटेल और बीआर अंबेडकर के समकक्ष रखते हुए कहा कि पटेल ने देश का क्षेत्रीय एकीकरण किया था, अंबेडकर ने सामाजिक एकीकरण किया था और अब मोदी ने भारत का आर्थिक एकीकरण शुरू कर दिया है.
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प्रधानमंत्री के 67वें जन्मदिन के अवसर पर उनकी प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि मोदी का जीवन कई मायनों में भारत की विचारधारा का साकार रूप है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की गरीबों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशीलता के चलते ही गरीबी उन्मूलन के ऐतिहासिक कदम उतने बड़े स्तर पर आकार ले रहे हैं, जिसके बारे में भारत के इतिहास में कभी सुना ही नहीं गया.
शाह ने कहा कि मोदी सरकार में ईमानदार करदाताओं, जिनमें अधिकतर मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, को लगता है कि कालेधन और भ्रष्टाचार पर नोटबंदी और बेनामी संपत्ति कानून जैसे विभिन्न कदमों के साथ की गयी कार्रवाई के बाद उनकी अहमियत बढ़ी है.
पिछले दिनों आरबीआई ने बताया था कि नोटबंदी के बाद 99 प्रतिशत पुराने नोट बैंकों में जमा हो गये, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इस कदम को लेकर सरकार के दावों की तीखी आलोचना की, लेकिन भाजपा का कहना है कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ी है और संगठित अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है. शाह ने एक ब्लॉग में लिखा, भारत सरदार पटेल को हमारे देश के क्षेत्रीय एकीकरण के लिए याद करता है और हम सामाजिक एकीकरण में बाबासाहब अंबेडकर की भूमिका को याद करते हैं. इसी तरह जनधन योजना से लेकर जीएसटी तक विभिन्न पहलों के साथ नरेंद्र भाई ने भारत के आर्थिक एकीकरण की शुरूआत कर दी है.
VIDEO_ पीएम मोदी ने किया सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन
प्रधानमंत्री के आलोचकों पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी ने भ्रष्टाचार और यथास्थिति के खिलाफ कई कदम उठाये हैं. अंतत: कुछ चुनिंदा लोगों के विशेषाधिकार का समय अब गुजर गया है और गरीबों को उनका हिस्सा मिल रहा है.
इनपुट- भाषा
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प्रधानमंत्री के 67वें जन्मदिन के अवसर पर उनकी प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि मोदी का जीवन कई मायनों में भारत की विचारधारा का साकार रूप है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की गरीबों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशीलता के चलते ही गरीबी उन्मूलन के ऐतिहासिक कदम उतने बड़े स्तर पर आकार ले रहे हैं, जिसके बारे में भारत के इतिहास में कभी सुना ही नहीं गया.
शाह ने कहा कि मोदी सरकार में ईमानदार करदाताओं, जिनमें अधिकतर मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, को लगता है कि कालेधन और भ्रष्टाचार पर नोटबंदी और बेनामी संपत्ति कानून जैसे विभिन्न कदमों के साथ की गयी कार्रवाई के बाद उनकी अहमियत बढ़ी है.
पिछले दिनों आरबीआई ने बताया था कि नोटबंदी के बाद 99 प्रतिशत पुराने नोट बैंकों में जमा हो गये, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इस कदम को लेकर सरकार के दावों की तीखी आलोचना की, लेकिन भाजपा का कहना है कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ी है और संगठित अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है. शाह ने एक ब्लॉग में लिखा, भारत सरदार पटेल को हमारे देश के क्षेत्रीय एकीकरण के लिए याद करता है और हम सामाजिक एकीकरण में बाबासाहब अंबेडकर की भूमिका को याद करते हैं. इसी तरह जनधन योजना से लेकर जीएसटी तक विभिन्न पहलों के साथ नरेंद्र भाई ने भारत के आर्थिक एकीकरण की शुरूआत कर दी है.
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प्रधानमंत्री के आलोचकों पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी ने भ्रष्टाचार और यथास्थिति के खिलाफ कई कदम उठाये हैं. अंतत: कुछ चुनिंदा लोगों के विशेषाधिकार का समय अब गुजर गया है और गरीबों को उनका हिस्सा मिल रहा है.
इनपुट- भाषा