
नई दिल्ली:
ऐसे में जब इस साल के आखिर में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि पार्टी ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस राज्य में गैर एनडीए दलों के साथ गठबंधन के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं किया है और उसके समक्ष सभी विकल्प खुले हुए हैं।
यह पूछे जाने पर कि एकीकृत 'जनता परिवार' से मुकाबले के लिए क्या बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ गठबंधन करेगी, शाह ने कहा, 'बिहार में किसी पार्टी के साथ गठबंधन करने के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है। वर्तमान में एनडीए में हमारे सहयोगी हैं। जहां तक अन्य के साथ गठबंधन करने का सवाल है, हमने अभी तक निर्णय नहीं किया है। हमारे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।'
महादलित नेता मांझी ने जेडीयू नेतृत्व विशेष तौर पर नीतीश कुमार के साथ कड़वाहट के बाद मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया था और उन्होंने हाल में राजनीतिक पार्टी 'हिंदुस्तान अवाम मोर्चा' का गठन किया है।
शाह से जब शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी शासित पंजाब में नशे की समस्या को लेकर धरना देने की उनकी योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी योजना रद्द नहीं की है उसका 'समय परिवर्तित' कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, 'मैंने केवल उसका कार्यक्रम बदल दिया है। धरने की बजाय, मैं नशे की समस्या पर एक यात्रा निकालना चाहता हूं। मैं अपनी योजना कुछ समय बाद घोषित करूंगा।' कांग्रेस की ओर से लगातार बीजेपी पर हमले करने के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी को हाल में आयोजित हुए प्रत्येक चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है और उसकी सीटें शून्य और इकाई अंक के बीच रही हैं।
उन्होंने कहा, 'बिहार में चुनाव नजदीक हैं, हम यह देखेंगे कि वहां कैसा होता है।'
यह पूछे जाने पर कि एकीकृत 'जनता परिवार' से मुकाबले के लिए क्या बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ गठबंधन करेगी, शाह ने कहा, 'बिहार में किसी पार्टी के साथ गठबंधन करने के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है। वर्तमान में एनडीए में हमारे सहयोगी हैं। जहां तक अन्य के साथ गठबंधन करने का सवाल है, हमने अभी तक निर्णय नहीं किया है। हमारे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।'
महादलित नेता मांझी ने जेडीयू नेतृत्व विशेष तौर पर नीतीश कुमार के साथ कड़वाहट के बाद मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया था और उन्होंने हाल में राजनीतिक पार्टी 'हिंदुस्तान अवाम मोर्चा' का गठन किया है।
शाह से जब शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी शासित पंजाब में नशे की समस्या को लेकर धरना देने की उनकी योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी योजना रद्द नहीं की है उसका 'समय परिवर्तित' कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, 'मैंने केवल उसका कार्यक्रम बदल दिया है। धरने की बजाय, मैं नशे की समस्या पर एक यात्रा निकालना चाहता हूं। मैं अपनी योजना कुछ समय बाद घोषित करूंगा।' कांग्रेस की ओर से लगातार बीजेपी पर हमले करने के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी को हाल में आयोजित हुए प्रत्येक चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है और उसकी सीटें शून्य और इकाई अंक के बीच रही हैं।
उन्होंने कहा, 'बिहार में चुनाव नजदीक हैं, हम यह देखेंगे कि वहां कैसा होता है।'