
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए आगामी विधानसभा चुनाव किसी वर्ल्ड कप से कम नहीं है। इस चुनावी मुकाबले में उनका क्या होगा यह तो वक्त रहते पता चलेगा लेकिन इस बीच रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक दोस्ताना टी20 मैच में मैन ऑफ द मैच बनकर काफी वाहवाही बटोरी। लखनऊ में यह मुकाबला मुख्यमंत्री की XI और उत्तरप्रदेश आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन XI के बीच था। इससे पहले भी यादव की टीम यह मैच चार बार जीत चुकी है।
यादव ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया और उनकी टीम ने 20 ओवर में 127 रन बनाए। वहीं उनकी प्रतिद्वंद्वी अफसरशाहों की टीम 126 रन पर सिमट गई। इस जीत में मुख्यमंत्री स्टार बनकर उभरे जहां उन्होंने 65 रन बनाए जिसमें 11 चौक्के और एक छक्का शामिल है। बताया जाता है कि जिस अफसर ने मुख्यमंत्री को आउट किया वह अपनी गेंदबाज़ी से काफी स्तब्ध था। राजनीति की ही तरह यहां भी आलोचकों को साज़िश की बू आई और कुछ दर्शकों ने आईएएस टीम पर धीमी डिलेवरी का आरोप भी लगाया। आखिरी दो ओवरों में अफसरों की टीम को ड्रॉ के लिए सिर्फ तीन रन और जीत के लिए चार रन चाहिए थे लेकिन वह सिर्फ दो रन ही बना पाई। हारी हुई टीम के कप्तान उप्र के चीफ सेक्रेटेरी आलोक रंजन अफसोसजनक मुद्रा में भी नज़र नहीं आए।
'जीता हुआ मैच हारा'
बाद में अपने बॉस मुख्यमंत्री के साथ ट्रॉफी हाथ में लिए रंजन ने कहा 'हम लगभग जीत चुके मैच को हार गए। हमने पूरी कोशिश की लेकिन सीएम XI ने आखिरी कुछ ओवरों में जबरदस्त गेंदबाज़ी दिखाई।' वहीं विजेता टीम के कप्तान और मैन ऑफ द मैच ने कहा 'इस जीत में हमें मिली मदद की मैं कद्र करता हूं।'
बता दें कि अखिलेश यादव एक खेलप्रेमी हैं और वह फुटबॉल में सेंटर फॉरवर्ड खेल चुके हैं। उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी पहलवान रह चुके हैं। यादव का अगला बड़ा मैच 2017 में उप्र विधानसभा चुनाव है जहां उन्हें अपनी दूसरी पारी के लिए कड़ी टक्कर का सामना करना है। बीजेपी की कोशिश रहेगी की 2014 में मिली लोकसभा जीत का फायदा उन्हें इस चुनाव में मिल सके, वहीं बीएसपी की मायावती भी दोबारा सत्ता पर काबिज़ होने की कोशिश में दिखेंगी। यकीनन 2017 के मैदान-ए-जंग में अखिलेश के लिए पिच रविवार की तरह मेहरबान नहीं होने वाली है।
यादव ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया और उनकी टीम ने 20 ओवर में 127 रन बनाए। वहीं उनकी प्रतिद्वंद्वी अफसरशाहों की टीम 126 रन पर सिमट गई। इस जीत में मुख्यमंत्री स्टार बनकर उभरे जहां उन्होंने 65 रन बनाए जिसमें 11 चौक्के और एक छक्का शामिल है। बताया जाता है कि जिस अफसर ने मुख्यमंत्री को आउट किया वह अपनी गेंदबाज़ी से काफी स्तब्ध था। राजनीति की ही तरह यहां भी आलोचकों को साज़िश की बू आई और कुछ दर्शकों ने आईएएस टीम पर धीमी डिलेवरी का आरोप भी लगाया। आखिरी दो ओवरों में अफसरों की टीम को ड्रॉ के लिए सिर्फ तीन रन और जीत के लिए चार रन चाहिए थे लेकिन वह सिर्फ दो रन ही बना पाई। हारी हुई टीम के कप्तान उप्र के चीफ सेक्रेटेरी आलोक रंजन अफसोसजनक मुद्रा में भी नज़र नहीं आए।
'जीता हुआ मैच हारा'
बाद में अपने बॉस मुख्यमंत्री के साथ ट्रॉफी हाथ में लिए रंजन ने कहा 'हम लगभग जीत चुके मैच को हार गए। हमने पूरी कोशिश की लेकिन सीएम XI ने आखिरी कुछ ओवरों में जबरदस्त गेंदबाज़ी दिखाई।' वहीं विजेता टीम के कप्तान और मैन ऑफ द मैच ने कहा 'इस जीत में हमें मिली मदद की मैं कद्र करता हूं।'
बता दें कि अखिलेश यादव एक खेलप्रेमी हैं और वह फुटबॉल में सेंटर फॉरवर्ड खेल चुके हैं। उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी पहलवान रह चुके हैं। यादव का अगला बड़ा मैच 2017 में उप्र विधानसभा चुनाव है जहां उन्हें अपनी दूसरी पारी के लिए कड़ी टक्कर का सामना करना है। बीजेपी की कोशिश रहेगी की 2014 में मिली लोकसभा जीत का फायदा उन्हें इस चुनाव में मिल सके, वहीं बीएसपी की मायावती भी दोबारा सत्ता पर काबिज़ होने की कोशिश में दिखेंगी। यकीनन 2017 के मैदान-ए-जंग में अखिलेश के लिए पिच रविवार की तरह मेहरबान नहीं होने वाली है।
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