
लखनऊ:
संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार के लिए दिक्कत खड़ी होती दिख रही है। फूड सिक्योरिटी बिल के मौजूदा स्वरूप पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाये हैं। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार के लिए दिक्कत खड़ी होती दिख रही है। फूड सिक्योरिटी बिल के मौजूदा स्वरूप पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाये हैं। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अगर इस बिल को सभी राज्यों पर समान रूप से लागू किया गया तो उत्तर प्रदेश की आबादी के बहुत बड़े हिस्से को इस बिल के फायदे नहीं मिल सकेंगे।
अखिलेश ने लिखा है कि केरल, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में काफी गरीब है इसलिए यूपी में गांवों की सौ फीसदी और शहरों की 95 फीसदी आबादी को इस बिल के जरिये फायदा मिलना चाहिए। खाद्य सुरक्षा बिल में गरीब परिवारों को 25 किलो तक 3 रुपये किलो चावल और 2 रुपये किलो गेहूं देने की योजना है।
अखिलेश की मांग राजनीतिक रूप से काफी अहम है क्योंकि संसद के अगले सत्र में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दे रही हैं और समाजवादी पार्टी नंबर गेम में सरकार के लिए काफी महत्व रखती है।
अखिलेश ने लिखा है कि केरल, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में काफी गरीब है इसलिए यूपी में गांवों की सौ फीसदी और शहरों की 95 फीसदी आबादी को इस बिल के जरिये फायदा मिलना चाहिए। खाद्य सुरक्षा बिल में गरीब परिवारों को 25 किलो तक 3 रुपये किलो चावल और 2 रुपये किलो गेहूं देने की योजना है।
अखिलेश की मांग राजनीतिक रूप से काफी अहम है क्योंकि संसद के अगले सत्र में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दे रही हैं और समाजवादी पार्टी नंबर गेम में सरकार के लिए काफी महत्व रखती है।
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