
फाइल फोटो
नई दिल्ली:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस वर्ष आयोजित एम्स एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा के दौरान कथित अनियमितताओं और गैरकानूनी गतिविधियों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र, एम्स और सीबीआई से आज जवाब मांगा. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने सीबीआई को विशेष तौर पर निर्देश दिया कि याचिका पर एक हफ्ते के भीतर वह एजेंसी की स्थिति रिपोर्ट पेश करे. याचिका में एम्स को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि 28 मई को हुई परीक्षा के 15 जून को घोषित परिणाम रद्द किये जायें.
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि परिणाम तभी रद्द किए जाएं जब जांच में यह पता चले कि प्रवेश परीक्षा में पूरी तरह से गड़बड़ी हुई है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती. उनकी दलील को ध्यान में लेते हुए पीठ ने मामले को 16 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर लिया.
यह भी पढ़ें-एम्स के मरीज का हुआ ग्रीन कोरिडोर की मदद से लीवर प्रत्यारोपण
व्यापम मामले में व्हीसिलब्लोअर होने का दावा करने वाले डॉक्टर आनंद राय ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और एम्स को निर्देश देने की मांग की थी कि वह संस्थान की समिति के निष्कर्षों को अदालत में पेश करे. समिति का गठन परीक्षा के आयोजन से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए किया गया था.
राय ने 31 मई को आरोप लगाया था कि एम्स के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए इस वर्ष आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हुए थे. उन्होंने कई ट्वीट कर प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्रों की तस्वीरें साझा की थी. यह परीक्षा देश भर में 28 मई को हुई थी.
राय ने दावा किया कि उन्हें ये तस्वीरें एक सूत्र से मिली है जिसका दावा है कि ये लखनऊ के एक कॉलेज से तब लीक हुए जब ऑनलाइन टेस्ट चल ही रहा था. राय ने आरोप लगाया कि एम्स एमबीबीएस की सीटें 'बेची' गई थीं.
(इनपुट एजेंसी भाषा से भी )
संबंधित VIDEO-एम्स की फ़ाइल में फंसीं जेनरिक दवाएं
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि परिणाम तभी रद्द किए जाएं जब जांच में यह पता चले कि प्रवेश परीक्षा में पूरी तरह से गड़बड़ी हुई है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती. उनकी दलील को ध्यान में लेते हुए पीठ ने मामले को 16 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर लिया.
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व्यापम मामले में व्हीसिलब्लोअर होने का दावा करने वाले डॉक्टर आनंद राय ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और एम्स को निर्देश देने की मांग की थी कि वह संस्थान की समिति के निष्कर्षों को अदालत में पेश करे. समिति का गठन परीक्षा के आयोजन से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए किया गया था.
राय ने 31 मई को आरोप लगाया था कि एम्स के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए इस वर्ष आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हुए थे. उन्होंने कई ट्वीट कर प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्रों की तस्वीरें साझा की थी. यह परीक्षा देश भर में 28 मई को हुई थी.
राय ने दावा किया कि उन्हें ये तस्वीरें एक सूत्र से मिली है जिसका दावा है कि ये लखनऊ के एक कॉलेज से तब लीक हुए जब ऑनलाइन टेस्ट चल ही रहा था. राय ने आरोप लगाया कि एम्स एमबीबीएस की सीटें 'बेची' गई थीं.
(इनपुट एजेंसी भाषा से भी )
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