'अफगान पर बात, पाक-चीन पर आघात, चाणक्य के शब्दों में UN को नसीहत', PM मोदी के UNGA स्पीच की 10 अहम बातें...

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, कोविड-19, संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता समेत तमाम मुद्दों का जिक्र किया. उन्होंने अफगानिस्तान की भी बात की, जिस पर अब तालिबान का कब्जा है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 76वें सत्र को संबोधित किया. दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस महामारी के सामने आने के बाद यह पहला सत्र है. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, कोविड-19, संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता समेत तमाम मुद्दों का जिक्र किया. उन्होंने अफगानिस्तान की भी बात की, जिस पर अब तालिबान का कब्जा है. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि अफगानिस्तान की  सरजमीं का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और आतंकी हमलों के लिए ना हो. प्रधानमंत्री ने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना निशाना साधा.

पीएम मोदी के UNGA में संबोधन की बड़ी बातें- 

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा कि जो देश आतंकवाद को पॉलिटिकल टूल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें ये समझना होगा कि आतंकवाद, उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है. ये सुनिश्चित किया जाना बहुत जरूरी है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और आतंकी हमलों के लिए ना हो. हमें सतर्क रहना होगा कि वहां की नाजुक स्थितियों का कोई देश, अपने स्वार्थ के लिए, एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश ना करे.

  2. मैं उस देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं, जिसे Mother of Democracy का गौरव हासिल है. ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा, जो कभी एक रेलवे स्टेशन के टी-स्टॉल पर अपने पिता की मदद करता था, वो आज चौथी बार, भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर UNGA को संबोधित कर रहा है. 

  3. चीन की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे समंदर भी हमारी साझी विरासत हैं इसलिए हमें ये ध्यान रखना होगा कि समुद्री संसाधनों को हम यूज करें, दुरुपयोग नहीं. हमारे समंदर, अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफ-लाइन भी हैं. इन्हें हमें विस्तारवाद (Expansion) और बहिष्करण (Exclusion) की दौड़ से बचाकर रखना होगा. नियम आधारित विश्व व्यवस्था को सशक्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक सुर में आवाज उठानी ही होगी. सुरक्षा परिषद में भारत की प्रेसिडेंसी के दौरान बनी विस्तृत सहमति, विश्व को मैरीटाइम सेक्योरिटी के विषय में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती है. 

  4. भारत ने दुनिया की पहली DNA वैक्सीन विकसित कर ली है, जिसे 12 साल की आयु से ज्यादा के सभी लोगों को लगाया जा सकता है. एक और m-RNA वैक्सीन डवलपमेंट के आखिरी चरण में है. भारत के वैज्ञानिक कोरोना की एक नेज़ल वैक्सीन के निर्माण में भी जुटे हैं. मानवता के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए भारत ने एक बार फिर दुनिया के जरूरतमंदों को वैक्सीन देनी शुरू कर दी है. मैं आज दुनिया भर के वैक्सीन मैन्यूफैक्चर्स को भी आमंत्रित करता हूं.

  5. आज विश्व का हर छठा व्यक्ति भारतीय है. जब भारतीयों की प्रगति होती है तो विश्व के विकास को भी गति मिलती है. जब भारत बढ़ता है तो दुनिया बढ़ती है. जब भारत सुधार करता है, तो दुनिया बदल जाती है. भारत में हो रहे साइंस और टेक्नोलॉजी आधारित इनोवेशन विश्व की बहुत मदद कर सकते हैं. हमारे टेक सॉल्यूशंस का स्केल और उनकी कम लागत, दोनों अतुलनीय है. 

  6. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र (UN) अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना चाहता है तो उसे अपनी प्रभावशीलता में सुधार करना चाहिये और अपनी विश्वसनीयता को बढ़ाना चाहिये. पीएम मोदी ने चीन से प्राप्त आंकड़ों में कथित अनियमितताओं के कारण विश्व बैंक द्वारा व्यापार में सहूलियत से संबंधित रिपोर्ट का प्रकाशन रद्द किए किए जाने सहित हाल की कई अन्य घटनाओं को रेखांकित किया, जिनके कारण विभिन्न वैश्विक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं. 

  7. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य के शब्द दोहराए ‘‘कालाति क्रमात काल एव फलं पिबति. जब सही समय पर सही कार्य नहीं किया जाता, तो समय ही उस कार्य की सफलता को समाप्त कर देता है.'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर संयुक्त राष्ट्र को प्रासंगिक बने रहना है, तो उसे अपनी प्रभावशीलता में सुधार करना होगा और विश्वसनीयता बढ़ानी होगी.'' उन्होंने कहा कि आज संयुक्त राष्ट्र के बारे में तमाम तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं.

  8. भारत का वैक्सीन डेलिवरी प्लेटफॉर्म- CO-WIN एक ही दिन में करोड़ों वैक्सीन डोज लगाने के लिए डिजिटल सपोर्ट दे रहा है. सेवा परमो धर्म: को जीने वाला भारत, सीमित संसाधनों के बावजूद भी वैक्सीनेशन डवलपमेंट और मैन्यूफैक्चरिंग में जी-जान से जुटा है. मैं आज दुनिया भर के वैक्सीन मैन्यूफैक्चर्स को भी भारत में आमंत्रित करता हूं. 

  9. पेयजल की समस्या के मुद्दे पर कहा, ‘‘भारत इस चुनौती से निपटने के लिए 17 करोड़ घरों तक पाइप से स्वच्छ जल पहुंचाने को सुनिश्चित करने का एक बहुत बड़ा अभियान चला रहा है.'' उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनके पास भूमि और मकान पर मालिकाना हक नहीं हैं.

  10. पिछले सात साल में भारत ने 43 करोड़ लोगों को बैंकिग प्रणाली से जोड़ा है. आज, 36 करोड़ लोगों को बीमा कवरेज मिल गया है जो पहले इसकी कल्पना नहीं कर सकते थे. '' उन्होंने कहा कि 50 करोड़ लोगों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देकर भारत ने उन्हें गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच दी है.