
निर्वाचन आयोग.
हैदराबाद:
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने मतदान के लिए मतदाता पहचान पत्र के स्थान पर आधार कार्ड को एकमात्र पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की वकालत की. वर्तमान में चुनाव आयोग वोट डालने के लिए मतदाता पहचान पत्र न होने की स्थिति में पहचान के प्रमाण के तौर पर पासपोर्ट सहित कई अन्य दस्तावेजों को मान्यता देता है. कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘आज हमारे पास बहुत से कार्ड हैं जिससे कई जटिलतायें हैं. प्रणाली में इतनी सारी जटिलताएं उत्पन्न न करें. समय आ गया है, हमें केवल एक कार्ड पर विचार करना चाहिए, कार्ड चाहे जो भी हो.’’
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उन्होंने कहा, ‘‘पहचान का प्रमाण आधार कार्ड हो सकता है, जब आप इसका इस्तेमाल अन्य सभी कार्य के लिए कर रहे हैं.’’ कृष्णमूर्ति ने कहा कि अकेले आधार को मतदाता पहचान पत्र बनाया जा सकता है. आप मतदाता पहचान पत्र और साथ ही साथ आधार कार्ड क्यों रखना चाहते हैं ?
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अगर सभी मतदाता आधार से जुड़ जाते हैं, तो आप मतदाता पहचान पत्र को समाप्त कर सकते हैं और आधार को मतदान कार्यों के लिए एकमात्र पहचान पत्र बनाया जा सकता है.(भाषा)
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अगर सभी मतदाता आधार से जुड़ जाते हैं, तो आप मतदाता पहचान पत्र को समाप्त कर सकते हैं और आधार को मतदान कार्यों के लिए एकमात्र पहचान पत्र बनाया जा सकता है.(भाषा)
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