विज्ञापन
Story ProgressBack

आपातकाल की घोषणा से ठीक 13 दिन पहले क्या हुआ था, 7 बड़ी बातें

आपातकाल को देश के लोकतंत्र में काले धब्बे की तरह की देखा जाता है. आपातकाल से पहले इसकी पृष्ठभूमि और घटनाक्रम बड़ा लंबा रहा है. लेकिन इसकी घोषणा के करीब 13 दिन पहले क्या-क्या हुआ था इसको जानना भी जरूरी है.

Read Time:2 mins

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

आज से ठीक 44 साल पहले दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के संविधान में दिए गए नागरिकों के मूलभूत अधिकार छीन लिए गए थे. नेताओं के भाषण में हम अक्सर इस घटना का जिक्र करते हैं और कांग्रेस इसको लेकर रक्षात्मक मुद्रा अपनाती रही है. साल  1975 में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून को आपातकाल की घोषणा की थी. उनके इस फैसले के बाद सरकार का विरोध करने वाले हर नेता, युवा को सलाखों के पीछे डाल दिया गया. प्रेस की आजादी पर सरकारी पहरा लागू हो गया और विपक्ष के सभी बड़े नेताओं को जेल भेज दिया गया. आज हम राजनीति में जिन ज्यादातर बड़े चेहरों को देखते हैं वह आपातकाल के समय ही में आए थे. करीब 19 महीने तक देश में आपातकाल लागू रहा था और लेकिन इसके ठीक बाद हुए चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई थी और देश में पहली बार गैर कांग्रेस सरकार बनी थी. आपातकाल को देश के लोकतंत्र में काले धब्बे की तरह की देखा जाता है. आपातकाल से पहले इसकी पृष्ठभूमि और घटनाक्रम बड़ा लंबा रहा है. लेकिन इसकी घोषणा के करीब 13 दिन पहले क्या-क्या हुआ था इसको जानना भी जरूरी है.

आपातकाल से जुड़ीं 7 अहम बातें
  1. 12 जून, 1975:  इंदिरा गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रायबरेली में हुए चुनाव के दौरान की गई गड़बड़ी का दोषी पाया और छह साल के लिए पद से बेदखल कर दिया. जनता पार्टी के नेता राज नारायण ने 1971 में रायबरेली में चुनाव में हारने के बाद अदालत में शिकायत की थी.
  2. 24 जून, 1975: इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और वहां भी इंदिरा गांधी को झटका लगा और फैसले को बरकरार रखा लेकिन साथ ही  इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बने रहने की इजाजत दे दी गई.
  3. 25 जून, 1975: कांग्रेस के नेता रहे जयप्रकाश नारायण ने इंदिरा के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत की जिसे 'संपूर्ण क्रांति' कहा गया और देश भर में प्रदर्शन शुरू हो गए. 
  4. 25 जून, 1975: राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने  प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा कर दी. आपातकाल में चुनाव स्थगित हो गए तथा नागरिक अधिकारों को समाप्त करके मनमानी की गई.  संवैधानिक प्रावधानों के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर वह हर छह महीने बाद 1977 तक आपातकाल की अवधि बढ़ाते रहे.
  5. सितंबर, 1976: अनिवार्य पुरुष नसबंदी की गई. लोगों को इससे बचने के लिए लंबे समय तक छिपने पर मजबूर होना पड़ा. 
  6. 18 जनवरी, 1977: इंदिरा गांधी ने लोकसभा भंग कर दिया और मार्च में आम चुनाव की घोषणा की. सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया.
  7. 23 मार्च, 1977: आपातकाल समाप्त हो गया. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
हिंडनबर्ग ने अदाणी से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशन से दो माह पहले अपने ग्राहक से साझा की : सेबी
आपातकाल की घोषणा से ठीक 13 दिन पहले क्या हुआ था, 7 बड़ी बातें
भोले बाबा का खास देव प्रकाश मधुकर कौन, जिस पर पुलिस ने रखा 1 लाख का इनाम
Next Article
भोले बाबा का खास देव प्रकाश मधुकर कौन, जिस पर पुलिस ने रखा 1 लाख का इनाम
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
;