
मणिपुर रोडरेज मामले में सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली:
मणिपुर में रोड रेज में युवक की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि वो युवक के मां-पिता को सुरक्षा देने पर विचार करें. कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य के मुख्यमंत्री पर कोई आरोप लगाता है तो इसके पीछे कुछ ना कुछ तो है. मामले की सुनवाई 5 जून को होगी और केंद्र अपना जवाब दाखिल करेगा.
मणिपुर में हुए रोडरेज मामले में अपना बेटा खो चुके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण देने की गुहार की है. हत्या मुख्यमंत्री एन विरेन सिंह के बेटे अजय सिंह ने की थी, जिसे पांच वर्ष की कैद सुनाई जा चुकी है. पीड़ित परिवार ने दोषी के परिवार पर प्रताड़ित करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
पिछली सुनवाई में पीड़ित परिवार की याचिका पर जस्टिस एल नागेश्वर राय और जस्टिस नवीन सिन्हा की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार को नोटिस जारी किया था. याचिका के मुताबिक- 20 मार्च 2011 में हुए रोडरेज में अजय सिंह ने 19 वर्षीय रोजर को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी. निचली अदालत ने अजय को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. घटना के वक्त एन विरेन सिंह खेल मंत्री थे.
मणिपुर में हुए रोडरेज मामले में अपना बेटा खो चुके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण देने की गुहार की है. हत्या मुख्यमंत्री एन विरेन सिंह के बेटे अजय सिंह ने की थी, जिसे पांच वर्ष की कैद सुनाई जा चुकी है. पीड़ित परिवार ने दोषी के परिवार पर प्रताड़ित करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
पिछली सुनवाई में पीड़ित परिवार की याचिका पर जस्टिस एल नागेश्वर राय और जस्टिस नवीन सिन्हा की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार को नोटिस जारी किया था. याचिका के मुताबिक- 20 मार्च 2011 में हुए रोडरेज में अजय सिंह ने 19 वर्षीय रोजर को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी. निचली अदालत ने अजय को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. घटना के वक्त एन विरेन सिंह खेल मंत्री थे.
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