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क्या आपको भी सताता है गरीब हो जाने का डर? ये हो सकती है एक मानसिक बीमारी

Mental Health: क्या आपको भी लगता है कि आप अचानक सड़क पर आ जाएंगे और आपके पास पैसे नहीं बचेंगे. इस आर्चिकल में समझें क्या है पेनियाफोबिया और इसके लक्षण.

क्या आपको भी सताता है गरीब हो जाने का डर? ये हो सकती है एक मानसिक बीमारी
Mental Health: बैंक बैलेंस फुल, फिर भी कंगाली का डर?

Mental Health And Money Anxiety: हम सभी आज के समय में अच्छी जिंदगी जीने और पैसे कमाने के लिए नौकरी करते हैं. लेकिन कई बार अचानक से ऐसा ख्याल आता है कि अगर नौकरी चली गई तो क्या होगा? बल्कि, आपके पास आपके अकाउंट में पैसे अच्छे खासे हैं फिर भी ऐसा ख्याल कई बार डरा देता है. अगर आपके दिमाग में भी हर वक्त गरीब हो जाने का डर सताता रहता है, या नौकरी जाने का, तो सावधान हो जाइए. यह सिर्फ पैसों की चिंता नहीं है, बल्कि एक गंभीर मानसिक बीमारी हो सकती है, जिसे मेडिकल साइंस की भाषा में 'पेनियाफोबिया' (Peniaphobia) कहा जाता है. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. तो चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं क्या है ये बीमारी, लक्षण, कारण और इलाज. 

क्या है पेनियाफोबिया- (What Is Peniaphobia)

आसान शब्दों में कहें तो, पेनियाफोबिया का मतलब है गरीब होने का हद से ज्यादा और बिना किसी वजह के डर. आम तौर पर, हम सभी को पैसों की चिंता होती है, जो कि बिल्कुल नॉर्मल है. लेकिन इस बीमारी से पीड़ित इंसान को तब भी कंगाली का डर सताता है जब उसके पास जरूरत से ज्यादा पैसे और प्रॉपर्टी होती है. 

इस बीमारी के लक्षण- 

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  1. ऐसे लोग दिन में कई-कई बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं और बिना वजह बजट बनाते रहते हैं.
  2. जरूरी चीजों जैसे- इलाज, अच्छे खाने या बच्चों की पढ़ाई पर भी पैसे खर्च करने में इन्हें भारी घबराहट होती है.
  3. इन्हें हमेशा लगता है कि आने वाले समय में कोई बड़ी मंदी आएगी या कोई ऐसी आपदा आएगी जिससे इनका सब कुछ बर्बाद हो जाएगा.
  4. पैसों के बारे में सोचते ही दिल की धड़कन बढ़ जाना, पसीना आना, चक्कर आना या रात को नींद न आना.

यह डर क्यों पैदा होता है और क्या हैं इसके कारण-

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पेनियाफोबिया के पीछे कई वजहें हो सकती हैं-

  • बचपन का बुरा अनुभव- अगर किसी व्यक्ति ने बचपन में भारी कंगाली देखी हो या उसके परिवार ने अचानक सब कुछ खो दिया हो, तो बड़े होने पर भी वह डर दिमाग से नहीं निकलता.
  • अचानक आया बदलाव- बिजनेस में घाटा, नौकरी छूटना या अचानक किसी बड़ी बीमारी पर बहुत सारा पैसा खर्च हो जाने से भी यह बीमारी ट्रिगर हो सकती है.
  • एंग्जायटी डिसऑर्डर- जिन लोगों को पहले से ही हर बात पर बहुत ज्यादा चिंता (Anxiety) करने की बीमारी होती है, उन्हें यह फोबिया होने का खतरा ज्यादा रहता है.

क्या है इसका इलाज-

  1. अगर यह डर आपकी नॉर्मल जिंदगी को नुकसान पहुंचा रहा है, तो इसे छुपाने के बजाय किसी थेरेपिस्ट या डॉक्टर से बात करनी चाहिए. इसका इलाज पूरी तरह संभव है.
  2. कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT)- इस थेरेपी के जरिए डॉक्टर मरीज के दिमाग में चल रहे नकारात्मक और डरावने विचारों को बदलने में मदद करते हैं.
  3. माइंडफुलनेस और योग- ध्यान लगाने और गहरी सांस लेने के अभ्यासों से पैसों की चिंता से होने वाली एंग्जायटी को कम किया जा सकता है.
  4. सपोर्ट सिस्टम- अपने परिवार या करीबी दोस्तों से इस बारे में खुलकर बात करें. मन का बोझ हल्का करने से डर काफी हद तक कम हो जाता है.

क्या कहती है रिसर्च-

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैन्टल हेल्थ (NIMH) के अनुसार, स्पेसिफिक फोबिया (Specific Phobias) एक प्रकार का एंग्जायटी डिसऑर्डर है जो लोगों को अपनी डेली एक्टिविटी में बाधा डाल सकता है.

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