Haryana News: पंचकूला में भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा के एक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन पर की गई टिप्पणी के बाद अब यह मामला नया मोड़ लेता दिख रहा है. बढ़े विवाद के बाद रेखा शर्मा ने सफाई दी है. अपनी सफाई में सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि उनका बयान किसी एक व्यक्ति पर नहीं था, बल्कि “कार्यशैली” को लेकर था. उन्होंने इस पूरे विवादित बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के नाम पर तो सफाई दी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और पंचकूला विधायक चंद्रमोहन के नाम पर कोई सफाई नहीं दी.
बंसीलाल पर रेखा शर्मा ने नहीं खोला मुंह
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल का नाम नहीं लिया था. सांसद रेखा शर्मा ने दावा किया कि वह खुद बंसीलाल सरकार में कंज्यूमर फोरम की मेंबर रह चुकी हैं और उन्होंने उनके काम और व्यक्तित्व को बहुत करीब से देखा है. उन्होंने स्वर्गीय बंसीलाल को एक आदर्श नेता और बेहतरीन इंसान बताया. सांसद ने ये भी कहा कि भाजपा नेता किरण चौधरी उनकी राजनीतिक और निजी दोस्त हैं, और दोनों ने मिलकर बंसीलाल जी की कार्यशैली को करीब से देखा और समझा है.
'गलती से निकल गया आधा नाम'
सबसे बड़ा खुलासा करते हुए रेखा शर्मा ने कहा कि उनके भाषण के दौरान “क्रॉनिकल गलती” से आधा नाम उनके मुंह से निकल गया था, जिसे उन्होंने तुरंत सुधार भी लिया था… लेकिन अब उसी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि...."मेरी किरण चौधरी जी से भी बात हुई है… अगर मैंने ऐसा कुछ कहा होता तो मैं स्वीकार करती… लेकिन मैंने ऐसा कुछ कहा ही नहीं है." सोशल मीडिया और कुछ वेब प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे को हवा देने का आरोप लगाते हुए रेखा शर्मा ने कहा कि सच्चाई को जानबूझकर “गलत ट्रैक” पर डालकर पेश किया जा रहा है.
बदमाशी वाले बयान पर क्या कहा?
वहीं अपने “बदमाशी” वाले बयान पर उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि ये उनके निजी अनुभव पर आधारित था, उन्होंने कहा कि जब वो पार्षद का चुनाव लड़ रही थीं, तब उन्हें जिन हालातों का सामना करना पड़ा....राशन कार्ड पर उनकी फोटो के ऊपर दूसरी फोटो चिपकाई गई, उनके घर पर और उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया, कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया… उसी दर्द को उन्होंने बयान किया था. इस पूरे विवाद के बीच अब मामला कानूनी मोड़ भी लेता दिख रहा है. लीगल नोटिस मिलने पर रेखा शर्मा ने साफ कर दिया है कि वो हर आरोप का जवाब कानून के दायरे में ही देंगी.
रेखा शर्मा की प्रतिद्वंदी रहीं जलमेघा दहिया की प्रतिक्रिया
हालांकि, इस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है. उस समय चुनाव में रेखा शर्मा को हराने वाली उनकी प्रतिद्वंदी जलमेघा दहिया, जो कांग्रेस समर्थित पार्षद थीं, ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. प्रतिद्वंदी का कहना है कि चुनाव के दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की कोई गंभीर घटना होती, तो उस समय प्रशासन, चुनाव आयोग या पुलिस में शिकायत जरूर दर्ज कराई जाती, लेकिन ऐसा कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया. तत्कालीन प्रतिद्वंदी रही और बाद में चुनाव में विजयी रही कांग्रेस समर्थित पार्षद जलमेघा दहिया ने यह भी आरोप लगाया कि रेखा शर्मा ने चुनाव में न सिर्फ हार का सामना किया था बल्कि उस समय रेखा शर्मा ने खुद हंगामा किया था और रोते हुए डीसी के पास पहुंचकर धांधली के आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि उस समय भी कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया.
साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को लेकर दिए गए बयान पर भी जलमेघा दहिया ने कड़ी आपत्ति जताई. उनका कहना है कि भजनलाल जी जैसी महान शख्सियत के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है. उन्होंने रेखा शर्मा को नसीहत देते हुए कहा कि एक सांसद होने के नाते रेखा शर्मा को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए और इस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. फिलहाल, इस बयानबाजी ने पंचकूला की सियासत को गरमा दिया है. अब देखना होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है.
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