सूरत के उत्तरण इलाके में स्थित पॉश रिहायशी कॉलोनी शालिग्राम एस्टेट्स में सामने आए ‘प्रसाद लड्डू ज़हरकांड' का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में पीड़ित परिवार की पड़ोसी महिला उषाबेन महेंद्रभाई नकराणी को गिरफ्तार किया गया है.
सूरत पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बूंदी के लड्डुओं में नींद की गोलियां मिलाकर उन्हें धार्मिक प्रसाद के रूप में पीड़ित गोवर्धनभाई डोंडा के घर के दरवाजे पर लटका दिया था. 10 अप्रैल को लड्डू खाने के बाद गोवर्धनभाई और उनकी बहू किरण की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. गोवर्धनभाई की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने लड्डुओं में अधिक मात्रा में स्लीपिंग पिल्स मिलाईं थीं. इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 123 के तहत जहर देकर नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया गया है.
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ऐसे खुला मामला
घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार की बेटी ईशा को लड्डुओं पर शक हुआ. उसने बचे हुए लड्डू तोड़कर देखे, जिनमें 3–4 साबुत दवाइयों की गोलियां छिपी हुई मिलीं. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.
बदले की भावना बना कारण
जांच में सामने आया कि आरोपी उषाबेन अपनी बेटी के आठ महीने पहले हुए प्रेम विवाह को लेकर डोंडा परिवार से नाराज थी. उसे शक था कि गोवर्धनभाई की बहू किरण ने उसकी बेटी की मदद की थी. इसी रंजिश के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया.
परिवार दहशत में
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि उस दिन एक और लड्डू खा लिया जाता, तो पूरे परिवार की जान जा सकती थी. परिवार ने हाउसिंग सोसायटी और प्रशासन से आरोपी को इलाके से हटाने की मांग की है. फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.
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