Lionel Messi Life Story, FIFA World Cup 2026: मेसी के खुशी के आंसुओं ने दुनिया भर के करोड़ों फ़ुटबॉल प्रेमियों को भावुक कर दिया. इजिप्ट के खिलाफ रोमांच से भरपूर मैच में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेन्टीना ने 0-2 से पिछड़ने के बावजूद कमबैक करते हुए वर्ल्ड कप से इजिप्ट का सुनहरा सफर खत्म कर दिया. मेसी के मैजिकल गोल के सहारे अर्जेन्टीना ने इजिप्ट को 3-2 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली. मेसी के गोल से अर्जेन्टीना ने इजिप्ट के खिलाफ मुकाबले को बराबरी पर ला दिया. मेसी का इस वर्ल्ड कप में 8वां और दुनिया में सबसे ज्यादा 21वां गोल है. गोल्डन बूट की रेस में मेसी फिलहाल सबसे आगे हैं.
लियोनेल मेस्सी की कहानी सिर्फ फुटबॉल के मैदान पर रिकॉर्ड बनाने की नहीं है, बल्कि मुश्किल हालातों से लड़कर आगे बढ़ने की भी है. बचपन में एक ऐसी बीमारी ने उनका रास्ता रोक दिया था, जिसके इलाज का खर्च उठाना उनके परिवार के लिए आसान नहीं था. लेकिन मेस्सी ने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के दम पर उस मुश्किल दौर को पीछे छोड़ दिया. आज वही छोटा कद वाला बच्चा दुनिया के सबसे महान फुटबॉल खिलाड़ियों में गिना जाता है.
10 साल की उम्र में सामने आई बीमारी
24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो में जन्मे लियोनेल मेस्सी का बचपन आम बच्चों जैसा नहीं रहा. करीब 10 साल की उम्र में उन्हें ग्रोथ हार्मोन डेफिशिएंसी (GHD) नाम की बीमारी का पता चला. इस बीमारी की वजह से उनके शरीर का विकास रुक रहा था. इलाज के लिए उन्हें हर दिन ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (HGH) के सिंथेटिक इंजेक्शन लगाने पड़ते थे. मेस्सी ने महज 11 साल की उम्र में खुद को इंजेक्शन लगाना सीख लिया था. वह हर रात सोने से पहले अपनी जांघों में खुद सुई लगाते थे.
इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए था मुश्किल
शुरुआत में मेस्सी के पिता की कंपनी के इंश्योरेंस और उनके शुरुआती क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने इलाज में आर्थिक मदद की, लेकिन बाद में यह मदद भी बंद हो गई. परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मेस्सी का इलाज जारी रखना था. इसी बीच उनकी प्रतिभा ने उनके लिए एक नया रास्ता खोला.
बार्सिलोना ने बदली जिंदगी
13 साल की उम्र में मेस्सी अपने परिवार के साथ स्पेन के बार्सिलोना पहुंचे. वहां के मशहूर क्लब एफसी बार्सिलोना ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया. यही फैसला मेस्सी के करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ. डॉक्टरों का अनुमान था कि बिना इलाज के उनकी लंबाई करीब 4 फीट 7 इंच तक ही रह सकती थी, लेकिन इलाज की वजह से वह 5 फीट 7 इंच की सामान्य इंसान की लंबाई तक पहुंच सके.
छोटे खिलाड़ी से बने बार्सिलोना के स्टार
बार्सिलोना पहुंचने के बाद मेस्सी ने क्लब की U14 टीम से खेलना शुरू किया. उनकी तकनीक, गेंद पर नियंत्रण और खेलने के अलग अंदाज ने जल्द ही सभी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. 17 साल की उम्र में उन्होंने बार्सिलोना के लिए अपना पहला सीनियर मैच खेला और धीरे-धीरे टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हो गए.
बार्सिलोना के साथ रचा इतिहास
मेस्सी और बार्सिलोना का सफर बेहद शानदार रहा. क्लब के साथ 17 साल के करियर में उन्होंने टीम को कई बड़ी ट्रॉफियां जिताने में अहम भूमिका निभाई. इस दौरान उन्होंने 10 ला लीगा खिताब, चार चैंपियंस लीग ट्रॉफी और सात कोपा डेल रे खिताब जीते. ला लीगा में उनके नाम 474 गोल का रिकॉर्ड भी दर्ज है. अपनी उपलब्धियों के लिए मेस्सी ने रिकॉर्ड आठ बैलन डी'ओर पुरस्कार जीते हैं. 2021 में उन्होंने बार्सिलोना छोड़कर पेरिस सेंट जिस बच्चे के इलाज के लिए परिवार संघर्ष कर रहा था, वही बच्चा आगे चलकर फुटबॉल की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बन गया.
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