फीफा वर्ल्ड कप अपने पूरे सबाब पर उतर चुका है. एक ही दिन में फ़ुटबॉल फ़ैन्स ने लियोनेल मेसी से लेकर किलियान एमबापे और अर्लिंग हालैंड का जादू देखा. तो आज ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी पुर्तगाल की जर्सी में अपना जलवा बिखेरेंगे. इस बीच अबतक जापान और द.कोरिया से लेकर ईरान, क़तर और ईराक़ जैसी सभी एशियाई टीमों ने वर्ल्ड कप में दम दिखाकर सबका दिल जीत लिया है. मेसी ने वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले ही मैच में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक गोल कर संकेत दे दिया है कि वर्ल्ड कप में वो किस इरादे से आये हैं और GOAT पर बहस खत्म कर दिया है.
200वें मैच में 118वां गोल, चलने लगा मेसी का जादू
वर्ल्ड चैंपियन कप्तान लियोनेल मेसी हालांकि अपना आख़िरी वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. लेकिन 38साल की उम्र में भी उनमें 18 साल का युवा नज़र आ रहा है. अल्जीरिया के ख़िलाफ़ वर्ल्ड कप का मुक़ाबला मेसी के लिए 200वां अंतर्राष्ट्रीय मैच है. मैच के 17वें मिनट में ही फ़ील्डर्स और गोलकीपर को मात देते हुए मेसी का पावरफ़ुल शॉट नेट में गया और मेसी ने अपने नाम 118वां अंतर्राष्ट्रीय गोल दर्ज कर लिया. इसके बाद मैच के 60वें मिनट में इक और गोल कर दिया और तीसरा गोल 76वें मिनट में आया और मेसी ने अपना हैट्रिक पूरा किया.
मेसी ने वर्ल्ड कप में मिरोस्लाव क्लोज़ा के 16 गोलों के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की.
फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले पांच फुटबॉलर
16 गोल - मिरोस्लाव क्लोज - जर्मनी
16 गोल - लियोनल मेसी - अर्जेंटीना
15 गोल - रोनाल्डो - ब्राजील
14 गोल - किलियन एम्बाप्पे - फ्रांस
14 गोल - गेर्ड मुलर - जर्मनी
एमबापे ने रचा इतिहास, बने फ़्रांस के अबतक के बेस्ट स्कोरर
पूर्व वर्ल्ड चैंपियन किलियान एमबापे का जादू बरक़रार है. सेनेगल के ख़िलाफ़ ग्रुप-I के न्यू जर्सी में खेले गए मैच में एमबापे ने 66वें मिनट में खाता खोला और स्टॉपेज टाइम में गोल कर मैच को 3-1 के अंजाम तक पहुंचा दिया. फ़्रांस के लिए 58वां गोल कर वो ओलिवियर जिरू के रिकॉर्ड से आगे निकल गए. मैच में फ़्रांस के लिए दूसरा गोल बारकोला ने किया. सेनेगल ने शानदार खेल दिखाया. सेनेगल के लिए एमबाये ने 95 मिनट में गोल किया. मैच में एमबापे को पेनल्टी का मौका नहीं दिया गया जिसे लेकर विवाद भी हुआ.
अर्लिंग हालैंड ने डेब्यू मैच में किये 2 गोल- नॉर्वे 4-1 इराक
दुनिया के सबसे महंगे और मशहूर खिलाड़ियों में से एक 25 साल के मैनचेस्टर सिटी के स्ट्राइकर अर्लिंग हालैंड ने वर्ल्ड कप के अपने डेब्यू मैच में ही दो गोल कर दिखा दिया कि उनकी वर्ल्ड फ़ुटबॉल में क्या अहमियत है. अर्लिंग हालैंड ने नॉर्वे के लिए मैच के पहले हाफ़ में 29वें और 43वें मिनट में दो गोल दागे. जबकि, बाक़ी के नॉर्वे के दो गोल लियो ओस्टिगार्ड और एक सेल्फ़ गोल इराक के ही एयमेन हुसैन के ज़रिये आये. वर्ल्ड कप खेल रही सभी एशियाई टीम की तरह 60वीं रैंकिंग वाले इराक ने ज़बरदस्त संघर्ष किया और एयमेन हुसैन ने 39वें मिनट में इराक के लिए 27 रैंकिंग वाले नॉर्वे के ख़िलाफ़ इकलौता गोल किया.
इरान के फ़ाइटबैक ने राजनीति को पीछे छोड़ा
लॉस एंजेल्स के ग्रुप-G के मैच में इरान की टीम मैदान पर उतरी तो सबों को उसपर राजनीति का असर देखने की भी पूरी आशंका थी. मगर युद्ध के दौर से गुज़रती हुई भी 23वीं रैंकिंग वाले ईरान ने दो बार वापसी करते हुए न्यूज़ीलैंड को जीत हासिल नहीं करने दिया. ईरान ने ये भी दिखाया कि फ़ाइटबैक करना उनका स्वाभाविक जज़्बा है. न्यूज़ीलैंड के लिए दोनों गोल क्रिस वुड के असिस्ट एलिजाह जस्ट ने किये. जबकि ईरान के लिए दो गोल रामिन रेज़ेयान और मोहम्मद मोहेबी ने किये और अपनी टीम को 1 अंक हासिल करवाया. न्यूज़ीलैंड अबतक वर्ल्ड कप में कोई जीत हासिल नहीं कर सकी है.
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