अष्टमी और महानवमी पर क्यों किया जाता है कंजक पूजन, इस बार कन्या भोज में बनाएं ये खास व्यंजन

शारदीय नवरात्रि का पर्व समाप्ति की ओर बढ़ रहा है. नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है.

अष्टमी और महानवमी पर क्यों किया जाता है कंजक पूजन, इस बार कन्या भोज में बनाएं ये खास व्यंजन

खास बातें

  • इस साल 25 अक्टूबर को नवरात्रि खत्म हो रहे हैं.
  • कुछ लोग अष्टमी वाले दिन भी कंजक पूजन करते हैं.
  • नवरात्रि में अष्टमी और महानवमी का विशेष महत्व होता है.

शारदीय नवरात्रि का पर्व समाप्ति की ओर बढ़ रहा है. नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. कुछ लोग नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत का पालन करते हैं. इस साल 25 अक्टूबर को नवरात्रि खत्म हो रहे हैं. नवरात्रि में अष्टमी और महानवमी का विशेष महत्व होता है. दरअसल, नौ दिन उपवास करने वाले लोग नवमी वाले दिन कन्या भोज के साथ इसकी समाप्ति करते हैं, कुछ लोग अष्टमी वाले दिन भी कंजक पूजन करते हैं. कंजक पूजन कन्या पूजन के दौरान 9 कन्याएं आपके घर आती हैं जिनको आप भोजन कराते हैं. माना जाता है कि ये कन्याएं माता का ही रूप होती हैं. इसलिए इनको भोजन कराने से माता प्रसन्न होती है और आपको आर्शीवाद देती हैं.

Dussehra 2020: क्या है दशहरे का महत्व और कैसे मनाया जाता है यह त्योहार


उत्तर भारत में कन्या पूजन के अवसर पर प्रसाद में काले चने, सूजी का हलवा और पूरी बनाई जाती है जिसमें लहसुन या प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. हालांकि, कुछ घरों में इनके अलावा आलू की सब्जी, रायता, कचौरी और भल्ले जैसे व्यंजन भी बनाएं जाते हैं. आप चाहे तो इस बार कन्या भोज में ऐसे ही कुछ स्वादिष्ट व्यंजन जोड़ सकते हैं. तो देर किस बात की डालते हैं एक नजर इन बेहतरीन रेसिपीज पर:

कन्या भोज के लिए बनाएं ये कुछ खास व्यंजन:

सूजी का हलवा 

भारत में आमतौर पर पूजा के मौके पर सूजी का हलवा बनाया जाता है, इसे रवा शीरा भी कहा जाता है.  सूजी का हलवा खाने में बहुत ही स्वाद लगता है और इसे बनाना भी काफी आसान है. यह हलवा बनाने के लिए सिर्फ सूजी, चीनी, इलाइची और गार्निश करने के लिए बादाम की जरूरत है.


सूखे काले चने 

सूखे काले चने खाने में बहुत ही स्वाद लगते हैं, मसालेदार चने बनाने में बहुत ही असान होते हैं. मसाले से भरपूर सूखे काले चने आमतौर पर नवरात्रि में पूजा के बाद दिए जाते हैं. इन चटपटे चनों को पूरी और के साथ सर्व किया जाता है. आप चाहे तो इन्हें रसेदार भी बना सकते हैं.


खट्टा-मीठा कद्दू 


कद्दू यानि के सीताफल एक बहुत ही बढ़िया सब्जी है जो बनाने में काफी आसान है। आप में से कई लोग ऐसे हो सकते हैं जिन्हें शायद कद्दू की सब्जी पसंद न हो लेकिन एक बार खट्ट-मीठे स्वाद वाली कद्दू की सब्जी ट्राई करें. वैसे तो कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी उत्तर प्रदेश में बनाई जाती है. कद्दू की पूरी और परांठे के साथ खाने में लाजवाब लगती है. इस सब्जी को बनाते वक्त मेथी दाना, सौंफ, हींग, अदरक, हल्दी, लाल मिर्च और साबुत लाल का तड़का दिया जाता है.


चावल की खीर 


खीर का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, अक्सर भारत में त्योहारों और खुशी के मौकों पर खीर बनाई जाती है. खीर एक बहुत ही लोकप्रिय डिज़र्ट है और इसे ठंडा करके खाने का स्वाद ही अलग है. आप इसे भी कन्या भोज में शामिल कर सकते हैं.


पीठी पूरी 

इसे बनाना काफी आसान से सिर्फ कुछ साधारण सामग्री से ही आप इस पूरी को तैयार किया जा सकता है.र्फ आपको सिर्फ उड़द दाल को पीसकर इसमें मसाले मिलाकर पीठी तैयार करनी हैं. इसके बाद पीठी को आटे में भरकर पूरी बनाकर डीप फ्राई करें.


दही भल्ला 

उत्तर भारत में दही भल्ला खूब पसंद किया जाता है इसे दिवाली और होली के मौके पर बनाया जाता है. इसे उड़द दाल से तैयार होने वाली इस डिश को दही और खट्टी-मिट्ठी चटनी के साथ तैयार किया जाता है. इस पर चाट मसाला और जीरा पाउडर डालकर सर्व किया जाता है. नवरात्रि के कन्या भोज में इसे भी बनाया जाता है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


क्या है अष्टमी का महत्व, दुर्गा अष्टमी पर किन चीजों का लगता है भोग