उम्र के 40वें पड़ाव पर पहुंचते ही हमारे शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं. अक्सर इस उम्र के बाद पाचन थोड़ा धीमा हो जाता है, जोड़ों में दर्द की शिकायत होने लगती है और वजन भी जल्दी बढ़ने लगता है. ऐसे में सबसे पहला बदलाव हमें अपनी थाली में करना चाहिए. हमारे देश में बिना रोटी के खाना अधूरा माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 40 के बाद सिर्फ सिंपल गेहूं की रोटी खाना आपकी सेहत के लिए काफी नहीं है.
आइए जानते हैं कि 40 की उम्र पार करने के बाद आपको अपने खान-पान में कौन-कौन से आटे को शामिल करना चाहिए, ताकि आप हमेशा फिट और तरोताजा महसूस करें.
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अलग-अलग आटे और उनके फायदे:
रागी की रोटी: रागी में कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. 40 की उम्र के बाद हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, खास तौर पर महिलाओं में यह परेशानी ज्यादा देखी जाती है. रागी की रोटी खाने से हड्डियों को मजबूती मिलती है और शरीर में खून की कमी भी दूर होती है.
ज्वार की रोटी: अगर आपको पेट भारी रहने या कब्ज की समस्या रहती है तो ज्वार आपके लिए सबसे बेस्ट है. यह पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री होता है और बहुत आसानी से पच जाता है. जो लोग अपना वज़न कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह रोटी बहुत फायदेमंद साबित होती है.
बाजरा की रोटी: सर्दियों के मौसम में बाजरे की रोटी खाना बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें भरपूर फाइबर और एनर्जी होती है जो शरीर को अंदर से गर्म रखती है. यह आपको दिनभर फुर्तीला बनाए रखने में मदद करता है.
ओट्स या जौ की रोटी: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की समस्या आम हो गई है. ओट्स और जौ का आटा बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में बहुत मददगार साबित होता है.
मल्टीग्रेन आटा: अगर आपको सीधे-सीधे ज्वार या बाजरे की रोटी खाने में स्वाद सही न लगे तो आप मल्टीग्रेन आटा इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आप साधारण गेहूं के आटे में थोड़ा सोयाबीन, चना, ओट्स या जौ का आटा मिलाकर रोटियां बना सकते हैं, इससे स्वाद भी बना रहेगा और सेहत भी अच्छी रहेगी.
रोटी खाने से पहले ये ध्यान रखें?
- 40 की उम्र के बाद पाचन तंत्र को सही रखने के लिए फाइबर बहुत जरूरी है. यह पेट साफ रखता है और शुगर को भी अचानक बढ़ने नहीं देता.
- एक बार में ज्यादा रोटी खाने से बचें.
- दिनभर में 4 से 6 रोटी और रात के समय सिर्फ 1 से 2 हल्की रोटी खाना सेहत के लिए पर्याप्त होता है.
- रात को सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले खाना खा लें.
- रात में भारी मसालेदार सब्ज़ी की जगह हल्की दाल या हरी सब्ज़ी के साथ ही रोटी लें.
नोट: अगर आप अपने आप को बीमारियों से दूर रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपने रूटीन में कुछ बदलाव कर लें.
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