- रमज़ान का महीना मुसलमांनो के लिए आस्था का प्रतिक है
- यह रोज़ा आमतौर पर कौमार्य अवस्था में शुरू करना अनिवार्य होता है
- जो इस समय सच्चे दिल से अल्लाह को याद करते उनके सारी इच्छा पूरी होती है.
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रमज़ान का पवित्र माह पिछले शनिवार से शुरू हो चुका है, पूरे देश में खुशनुमा माहौल छाया हुआ है. इस्लामिक कैलेंडर का नौंवा महीना रमज़ान होता है. यह मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक है, क्योंकि यह वही माह है जब सबसे पहले क़ुरान को लोगों के सामने लाया गया था. यह माना जाता है कि इस रमज़ान के महीने में जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं, जहन्नुम के दरवाजे बंद हो जाते हैं. जिसके पीछे बुरी ताकतों को कैद कर दिया जाता है.
जिस रात में सबसे पहले पैगम्बर मोहम्मद ने कुरान को देखा था उस रात को ललित उल क़दर के नाम से जाना जाता है. यह माना जाता है जो इस समय सच्चे दिल से अल्लाह को याद करते उनके सारी इच्छा पूरी होती हैं.
रमज़ान का महीना मुसलमांनो के लिए आस्था का प्रतिक है
पूरे रमजान माह में मुसलमान रोजे रखते हैं. रोजा करने का अहम् उद्देश्य लोगो को मोह माया से दूर रखना और दान के लिए प्रेरित करना है. हर मुसलमान के लिए रोजा फर्ज किया गया है, लेकिन जो लोग विक्लांग हैं या किसी भी बीमारी या परेशानी से जूझ रहे हैं जैसे मासिक धर्म, गर्भवती महिला वगैरह उन्हें ये रोज़ा न करने की अनुमति भी दी गई है.
सेहरी और इफ्तार
जो खाना सुबह में सूरज उगने से पहले खाया जाता है उसे सेहरी के नाम से जाना जाता है. सेहरी में पूरा परिवार सुबह उठकर पहले नमाज़ पढता है उसके बाद सेहरी खाता. इसके बाद शाम को सूर्यास्त होने के बाद इफ्तार किया जाता है. इफ्तार में सबसे पहले खजूर से अपना रोज़ा तोड़ता है. कहा जाता है के पैगम्बर मोहम्मद ने सिर्फ तीन खजूर से अपना रोज़ा तोड़ा था.
पांचवी प्रार्थना में से हर चौथी प्रार्थना को मग़रिब दुआ के नाम से जाना जाता है. इस दिन बहुत से समुदाय के लोग साथ में अपना रोज़ा खोलते है. इनके इफ्तार के खाने में शरबत से लेकर चिकन और मटन तक शामिल होता है.
यह रोज़ा आमतौर पर कौमार्य अवस्था में शुरू करना अनिवार्य होता है
पांचवी प्रार्थना में से हर चौथी प्रार्थना को मग़रिब दुआ के नाम से जाना जाता है. इस दिन बहुत से समुदाय के लोग साथ में अपना रोज़ा खोलते है. इनके इफ्तार के खाने में शरबत से लेकर चिकन और मटन तक शामिल होता है.
जिस रात में सबसे पहले पैगम्बर मोहम्मद ने कुरान को देखा था उस रात को ललित उल क़दर के नाम से जाना जाता है. यह माना जाता है जो इस समय सच्चे दिल से अल्लाह को याद करते उनके सारी इच्छा पूरी होती हैं.

पूरे रमजान माह में मुसलमान रोजे रखते हैं. रोजा करने का अहम् उद्देश्य लोगो को मोह माया से दूर रखना और दान के लिए प्रेरित करना है. हर मुसलमान के लिए रोजा फर्ज किया गया है, लेकिन जो लोग विक्लांग हैं या किसी भी बीमारी या परेशानी से जूझ रहे हैं जैसे मासिक धर्म, गर्भवती महिला वगैरह उन्हें ये रोज़ा न करने की अनुमति भी दी गई है.
सेहरी और इफ्तार
जो खाना सुबह में सूरज उगने से पहले खाया जाता है उसे सेहरी के नाम से जाना जाता है. सेहरी में पूरा परिवार सुबह उठकर पहले नमाज़ पढता है उसके बाद सेहरी खाता. इसके बाद शाम को सूर्यास्त होने के बाद इफ्तार किया जाता है. इफ्तार में सबसे पहले खजूर से अपना रोज़ा तोड़ता है. कहा जाता है के पैगम्बर मोहम्मद ने सिर्फ तीन खजूर से अपना रोज़ा तोड़ा था.
पांचवी प्रार्थना में से हर चौथी प्रार्थना को मग़रिब दुआ के नाम से जाना जाता है. इस दिन बहुत से समुदाय के लोग साथ में अपना रोज़ा खोलते है. इनके इफ्तार के खाने में शरबत से लेकर चिकन और मटन तक शामिल होता है.

पांचवी प्रार्थना में से हर चौथी प्रार्थना को मग़रिब दुआ के नाम से जाना जाता है. इस दिन बहुत से समुदाय के लोग साथ में अपना रोज़ा खोलते है. इनके इफ्तार के खाने में शरबत से लेकर चिकन और मटन तक शामिल होता है.
| DATE | DAY | SEHRI | IFTAAR |
| 28 May 2017 | रविवार | 4:29 a.m. | 7:15 p.m. |
| 29 May 2017 | सोमवार | 4:29 a.m. | 7:15 p.m. |
| 30 May 2017 | मंगलवार | 4:29 a.m | 7:16 p.m. |
| 31 May 2017 | बुधवार | 4:29 a.m | 7:16 p.m. |
| 1-Jun-17 | गुरुवार | 4:28 a.m | 7:16 p.m. |
| 2-Jun-17 | शुक्रवार | 4:28 a.m | 7:17 p.m. |
| 3-Jun-17 | शनिवार | 4:28 a.m | 7:17 p.m. |
| 4-Jun-17 | रविवार | 4:28 a.m | 7:17 p.m. |
| 5-Jun-17 | सोमवार | 4:28 a.m | 7:18 p.m. |
| 6-Jun-17 | मंगलवार | 4:27 a.m | 7:18 p.m. |
| 7-Jun-17 | बुधवार | 4:27 a.m | 7:18 p.m. |
| 8-Jun-17 | गुरुवार | 4:27 a.m | 7:19 p.m. |
| 9-Jun-17 | शुक्रवार | 4:27 a.m | 7:19 p.m. |
| 10-Jun-17 | शनिवार | 4:27 a.m | 7:19 p.m. |
| 11-Jun-17 | रविवार | 4:27 a.m | 7:20 p.m. |
| 12-Jun-17 | सोमवार | 4:27 a.m. | 7:20 p.m. |
| 13-Jun-17 | मंगलवार | 4:27 a.m. | 7:20 p.m. |
| 14-Jun-17 | बुधवार | 4:27 a.m. | 7:20 p.m. |
| 15-Jun-17 | गुरुवार | 4:27 a.m. | 7:21 p.m. |
| 16-Jun-17 | शुक्रवार | 4:27 a.m. | 7:21 p.m. |
| 17-Jun-17 | शनिवार | 4:27 a.m. | 7:21 p.m. |
| 18-Jun-17 | रविवार | 4:27 a.m. | 7:21 p.m. |
| 19-Jun-17 | सोमवार | 4:27 a.m. | 7:21 p.m. |
| 20-Jun-17 | मंगलवर | 4:27 a.m | 7:22 p.m. |
| 21-Jun-17 | बुधवार | 4:28 a.m. | 7:22 p.m. |
| 22-Jun-17 | गुरुवार | 4:28 a.m. | 7:22 p.m. |
| 23-Jun-17 | शुक्रवार | 4:28 a.m. | 7:22 p.m. |
| 24-Jun-17 | शनिवार | 4:29 a.m. | 7:23 p.m. |
| 25-Jun-17 | रविवार | 4:29 a.m. | 7:23 p.m. |
| 26-Jun-17 | सोमवार | 4:29 a.m. | 7:23 p.m |
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