गर्मी का मौसम आते ही हर घर में या फिर कहें देशभर में आम की चर्चा शुरू हो जाती है. बड़े हो या फिर बच्चे हर कोई आम खाना पसंद करता है. शायद ही ऐसा कोई घर होगा जहां पर गर्मियों में आम की बात ना होती हो. बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रील को Mygovermentindia के ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया है.
जिसमें पीएम मोदी ने भारत के अलग-अलग हिस्सों में उगाए जाने वाले आमों की तारीफ की है. उन्होंने बताया कि हर इलाके का अपना आम अपना स्वाद अपनी खुशबू के लिए जाना जाता है. यही वजह है कि इसे फलों का राजा कहा जाता है. बता दें कि दुनिया के सबसे बड़े आम उत्पादक देशों की लिस्ट में भारत भी शामिल है और यहां पर आमों की सैकड़ों किस्में उगाई जाती हैं.
हर क्षेत्र का अपना स्वाद, अपनी पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रील में देश के अलग-अलग हिस्सों को फेमस आमों के बारे में बताया है. महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस (अल्फोंसो) अपने स्वाद और गूदे से भरपूर होने के लिए दुनियाभर में मशहूर है. वहीं गुजरात का केसर तो आमरस की जान होती है और आमरस बनाने के लिए लोगों की पहली पसंद होता है. उत्तर प्रदेश का दशहरी आमों में कई लोगों की पहली पसंद होती है. वहीं काशी का लंगड़ा आम की एक अलग खासियत होती है कि ये पकने के बाद भी हरे रंग का ही रहता है.
वहीं बिहार का जरदालू आम जिसकी खुशबू से उसे दूर से ही पहचाना जा सकता है. इसी तरह चौसा, मालदा जैसे नाम के साथ लोगों की यादें जुड़ी हुई हैं.
दक्षिण भारत जाइये तो बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम, मलगोवा, बंगाल का हिमसागर, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश का सुवर्ण रेखा अपने अलग स्वाद और बनावट के कारण खास माने जाते हैं. यानी जगह के हिसाब से हर आम का रूप रंग और उसका स्वाद भी बदल जाता है. हर तरह के आम की किस्मों के साथ लोगों की बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं.
गांव से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचा भारतीय आम
उन्होंने बताया कि भारतीय आम आज सिर्फ देश के बाजारों तक ही नहीं सीमित हैं बल्कि ये आज दुनिया भर में पहुंच गए हैं. ग्लोबल मार्केट में भी भारतीय आम ने अपनी अलग पहचान बनाई हुई है.
किसानों को पीएम मोदी का सलाम
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के माध्यम से आम की पैदावार से जुड़े अपने किसान भाई- बहनों की प्रशंसा भी की है. उन्होंने किसानों का धन्यवाद करते हुए अपने देश की किसानों की प्रशंसा की है. उन्होंने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था के लिए आम किसान नहीं बहुत विशेष है. ऐसे ही छाये रहिये.
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