
मधुमेह यानी डायबिटीज भारत में तेजी से महामारी का रूप लेती जा रही है. डायबिटीज धीमे जहर की तरह काम करती है. इसकी एक वजह यह भी है कि ज्यादातर डायबिटीज के मरीजों को पता ही नहीं होता कि वह इसका शिकार बन चुके हैं. और जाने अनजाने वे अपने आहार और आदतों से खुद को ही और नुकसान पहुंचाते रहते हैं.
डायबिटीज के बारे में पता न होने के चलते इससे होने वाले नुकसानों को रोकने के लिए सावधानियां भी नहीं बरती जातीं, इसी के चलते यह भयानक रूप ले लेता है. दिल के रोगों की बढ़ती संख्या की एक बड़ी वजह भी डायबिटीज ही है, क्योंकि दोनों का आपस में सीधा संबंध है. ऐसे में नियमित जांच करना बहुत जरूरी है, भले ही आप खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस क्यों न करते हों. जानिए आखिर कैसे डायबिटीज होते हुए भी आप रख सकते हैं खुद को स्वस्थ और अपने दिल को स्वस्थ...
लाइफस्टाइल का रखें ध्यान
जीवनशैली यानी आपका लाइफस्टाइल सही होना बेहद जरूरी है. लाइफस्टाइल में लगातार होने वाले बदलाव या अनियमितताएं डायबिटीज, मोटापा और तनाव होने का खतरा बढ़ा देते हैं. और यही बातें छोटी उम्र में भी दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देती हैं. महानगरों में बढ़ते तनाव और भागम-भाग की वजह से मरीजों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है. इसलिए काम कितने ही जरूरी क्यों न हों अपनी सेहत को कमतर न रखें. तनाव को कम करें, नियमित व्यायाम करें और आहार में भी जरूरी बदलाव करें.
क्या है कारण
यह जानना भी जरूरी है कि डायबिटीज का कारण क्या है. अत्यधिक तनाव, कम व्यायाम, खानपान का ध्यान न रखना आदि इसकी वजहें हो सकती हैं. इसलिए जरूर है कि नियमित व्यायाम किया जाए. भले ही सोने से पहले थोड़ी देर के लिए ही सही, लेकिन व्यायाम जरूर करें. अस्वास्थ्यकर खाना खाने से बचें. खाने में ज्यादा ट्रांसफैट, नमक और चीनी से परहेज करें. अगर आप तनाव से मुक्ति पाना चाहते हैं और इसके लिए शराब या धूम्रपान का सहारा लेते हैं, तो ऐसा न करें. धूम्रपान आपकी सेहत को और खराब करेगा.
इनसुलिन है अहम
इनसुलिन न बनने की वजह से रक्त में मौजूद अत्यधिक शूगर डायबिटीज और कॉरनरी एथेरोसिलेरोसिस की शुरुआत का कारण बनती है. धीरे-धीरे प्लॉक रक्त धमनियों को सख्त और तंग कर देती है. इससे दिल की मांसपेशियों तक आक्सीजन युक्त रक्त नहीं पहुंच पाता. आगे चल कर प्लाक जमने से धमनियां फट सकती हैं और रक्त के थक्के जम सकते हैं और धमनियों के पूरी तरह से बंद होने की वजह से दिल का दौरा पड़ता है.
इन बातों का रखें ध्यान
डायबिटीज के बारे में पता न होने के चलते इससे होने वाले नुकसानों को रोकने के लिए सावधानियां भी नहीं बरती जातीं, इसी के चलते यह भयानक रूप ले लेता है. दिल के रोगों की बढ़ती संख्या की एक बड़ी वजह भी डायबिटीज ही है, क्योंकि दोनों का आपस में सीधा संबंध है. ऐसे में नियमित जांच करना बहुत जरूरी है, भले ही आप खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस क्यों न करते हों. जानिए आखिर कैसे डायबिटीज होते हुए भी आप रख सकते हैं खुद को स्वस्थ और अपने दिल को स्वस्थ...
लाइफस्टाइल का रखें ध्यान
जीवनशैली यानी आपका लाइफस्टाइल सही होना बेहद जरूरी है. लाइफस्टाइल में लगातार होने वाले बदलाव या अनियमितताएं डायबिटीज, मोटापा और तनाव होने का खतरा बढ़ा देते हैं. और यही बातें छोटी उम्र में भी दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देती हैं. महानगरों में बढ़ते तनाव और भागम-भाग की वजह से मरीजों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है. इसलिए काम कितने ही जरूरी क्यों न हों अपनी सेहत को कमतर न रखें. तनाव को कम करें, नियमित व्यायाम करें और आहार में भी जरूरी बदलाव करें.
क्या है कारण
यह जानना भी जरूरी है कि डायबिटीज का कारण क्या है. अत्यधिक तनाव, कम व्यायाम, खानपान का ध्यान न रखना आदि इसकी वजहें हो सकती हैं. इसलिए जरूर है कि नियमित व्यायाम किया जाए. भले ही सोने से पहले थोड़ी देर के लिए ही सही, लेकिन व्यायाम जरूर करें. अस्वास्थ्यकर खाना खाने से बचें. खाने में ज्यादा ट्रांसफैट, नमक और चीनी से परहेज करें. अगर आप तनाव से मुक्ति पाना चाहते हैं और इसके लिए शराब या धूम्रपान का सहारा लेते हैं, तो ऐसा न करें. धूम्रपान आपकी सेहत को और खराब करेगा.
इनसुलिन है अहम
इनसुलिन न बनने की वजह से रक्त में मौजूद अत्यधिक शूगर डायबिटीज और कॉरनरी एथेरोसिलेरोसिस की शुरुआत का कारण बनती है. धीरे-धीरे प्लॉक रक्त धमनियों को सख्त और तंग कर देती है. इससे दिल की मांसपेशियों तक आक्सीजन युक्त रक्त नहीं पहुंच पाता. आगे चल कर प्लाक जमने से धमनियां फट सकती हैं और रक्त के थक्के जम सकते हैं और धमनियों के पूरी तरह से बंद होने की वजह से दिल का दौरा पड़ता है.
इन बातों का रखें ध्यान
- डायबिटीज से पीड़ित लोगों को आम लोगों की तुलना में दिल के रोगों, दिल के दौरे और कॉर्डियोमायोपैथी की संभावना दो से चार गुना ज्यादा होती है.
- जितना ज्यादा किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर होगा उतना ही हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होगा.
- डायबिटीज से पीड़ित लोगों को थोड़ी ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए और अपना इनसुलिन और दिल की दौरे के खतरे की जांच करते रहना चाहिए.
- शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने से आपका रक्तचाप कम होगा, ब्लड शूगर कम होगी और वजन घटेगा, तनाव भी कम होगा.
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