फल के ठेले पर खड़े होकर जब हम अमरूद चुनते हैं, तो ज्यादातर लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे बड़े वाले अमरूद उठाकर थैली में डाल लेते हैं. देखने में बड़े अमरूद एकदम चिकने, भारी और ज्यादा फायदेमंद लगते हैं. ऐसा लगता है कि कम पैसे में ज्यादा फल मिल रहा है. वहीं पास में पड़े छोटे अमरूद थोड़े बेडौल, सख्त और उपेक्षित से दिखते हैं. लोग सोचते हैं कि बड़े अमरूद में ज्यादा गूदा है तो पोषण भी ज्यादा ही होगा. लेकिन अमरूद के मामले में यह सोच गलत साबित हो सकती है.
बड़े और छोटे अमरूद का फर्क सिर्फ बाहर से देखने में नहीं है. इसका असली असर आपके स्वाद, पाचन और पेट पर पड़ता है. चलिए समझते हैं कि आपके शरीर के लिए कौन सा अमरूद सच में ज्यादा बेहतर है.
साइज बदलने से अमरूद के गुण कैसे बदल जाते हैं?
अमरूद का बड़ा या छोटा होना सिर्फ उसकी किस्म पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि वह कैसे उगा है,
- बड़े अमरूद: इन्हें अक्सर ज्यादा पैदावार और दिखने में सुंदर बनाने के लिए उगाया जाता है. ये ज्यादा पानी सोखते हैं, तेजी से बढ़ते हैं और बाजार में जल्दी आ जाते हैं.
- छोटे अमरूद: ये धीरे-धीरे पकते हैं. इनकी ग्रोथ धीमी होने की वजह से इनका गूदा सख्त होता है और इसमें पानी की मात्रा कम होती है.
धीमी रफ्तार से पकने के कारण छोटे अमरूद में स्वाद और फाइबर दोनों जम जाते हैं. यही वजह है कि इन्हें खाने के बाद पेट और सेहत पर इसका असर अलग दिखता है.
स्वाद और महक में क्या है बड़ा अंतर?
छोटे अमरूद का स्वाद:
छोटे अमरूद थोड़े खट्टे-मीठे और तेज खुशबू वाले होते हैं. इनका स्वाद जीभ पर तुरंत चढ़ता है. इसी वजह से हमारे देश में लोग छोटे अमरूद पर नमक और मिर्च लगाकर खाना पसंद करते हैं.
बड़े अमरूद का स्वाद:
बड़े अमरूद स्वाद में थोड़े हल्के और मीठे होते हैं. इनमें पानी ज्यादा होता है, इसलिए इनका स्वाद थोड़ा फीका या पतला लगता है. जो लोग हल्का स्वाद पसंद करते हैं, उन्हें ये अच्छे लग सकते हैं, लेकिन अमरूद का असली देशी स्वाद छोटे वाले में ही मिलता है.
पेट और पाचन के लिए कौन सा सही है?
- छोटे अमरूद खाने में भले ही छोटे हों, लेकिन पेट भरने का अहसास ज्यादा देते हैं. इनका गूदा घना होता है और फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है. इसे पचाने में पेट को थोड़ा समय लगता है, जिससे काफी देर तक भूख नहीं लगती.
- दूसरी तरफ, बड़े अमरूद में पानी ज्यादा होता है. इन्हें खाने के तुरंत बाद तो पेट भरा लगता है, लेकिन कुछ देर बाद फिर से भूख लग जाती है. कई लोगों को शाम के समय बहुत बड़े अमरूद खाने से पेट में भारीपन या गैस की शिकायत भी होने लगती है.
जरूरी टिप्स:
- छोटे अमरूद थोड़े कड़क होते हैं. इन्हें चबा-चबाकर खाना पड़ता है. अच्छी तरह चबाकर खाने से मुंह में लार बनती है, जो खाने को पचाने में मदद करती है.
- बड़े अमरूद में बीज ज्यादा और गूदा बहुत मुलायम होता है. जिन लोगों का पाचन कमजोर होता है, उन्हें बड़े अमरूद के बीजों से पेट में दर्द या भारीपन लग सकता है.
आपको कौन सा अमरूद खरीदना चाहिए?
अगर आपको तेज स्वाद पसंद है, आप वजन घटाना चाहते हैं या आपको पेट साफ रखने के लिए ज्यादा फाइबर चाहिए तो छोटा अमरूद आपके लिए अच्छा माना जा सकता है.
वहीं, अगर आपके घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं जिन्हें कड़क फल चबाने में दिक्कत होती है. या फिर आपको हल्का मीठा और रसीला फल पसंद है, तो बड़ा अमरूद चुनें.
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