
नई दिल्ली:
अर्जुन कपूर अक्सर सलमान खान को इस बात के लिए श्रेय देते हैं कि सलमान ने ही उन्हें उनकी क्षमताओं का एहसास दिलाया।
अर्जुन ने साक्षात्कार में कहा, मैं प्राय: सलमान की बात करता हूं, क्योंकि उन्होंने ही मुझे मेरी क्षमताओं का एहसास दिलाया, जिसे न तो मैंने और न ही मेरे परिवार ने स्वीकारा था। उन्होंने मुझे चार साल तक प्रशिक्षित किया और मेरा मार्गदर्शन किया। सलमान आज भी अर्जुन की मदद करते हैं और उनकी सफलताओं से उत्साहित होते हैं।
अर्जुन ने कहा, आज सलमान देश के सबसे ज्यादा चहेते पुरुष हैं, लेकिन जब उन्होंने मेरी मदद करनी शुरू की थी तब वे अपने करियर के अच्छे दौर में नहीं थे। वे मेरी फिल्मों के ट्रेलर को देखते हैं और उत्साहित होते हैं। सहायक निर्देशक से करियर की शुरुआत करने वाले अर्जुन कैमरे के पीछे ही बने रहते अगर सलमान उनके जीवन में दखल न देते।
27 वर्षीय अभिनेता की दूसरी फिल्म ‘औरंगजेब’ आज रिलीज हो रही है। अर्जुन के खाते में अभी चार और बड़ी फिल्में शामिल हैं हालांकि शुरू में उनका झुकाव निर्देशन की ओर ही था।
उन्होंने कहा, यदि मैं अभिनेता न होता तो मैं कैमरे के पीछे काम कर रहा होता, हालांकि अभी भी मेरा सपना फिल्म निर्देशन करना है। लेकिन फिलहाल में अभिनय का आनंद ले रहा हूं। अपनी दूसरी ही फिल्म में दोहरा चरित्र निभाना अभिनेता के लिए एक चुनौती है। फिल्म में उनके दोनों ही चरित्र एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।
अर्जुन ने साक्षात्कार में कहा, मैं प्राय: सलमान की बात करता हूं, क्योंकि उन्होंने ही मुझे मेरी क्षमताओं का एहसास दिलाया, जिसे न तो मैंने और न ही मेरे परिवार ने स्वीकारा था। उन्होंने मुझे चार साल तक प्रशिक्षित किया और मेरा मार्गदर्शन किया। सलमान आज भी अर्जुन की मदद करते हैं और उनकी सफलताओं से उत्साहित होते हैं।
अर्जुन ने कहा, आज सलमान देश के सबसे ज्यादा चहेते पुरुष हैं, लेकिन जब उन्होंने मेरी मदद करनी शुरू की थी तब वे अपने करियर के अच्छे दौर में नहीं थे। वे मेरी फिल्मों के ट्रेलर को देखते हैं और उत्साहित होते हैं। सहायक निर्देशक से करियर की शुरुआत करने वाले अर्जुन कैमरे के पीछे ही बने रहते अगर सलमान उनके जीवन में दखल न देते।
27 वर्षीय अभिनेता की दूसरी फिल्म ‘औरंगजेब’ आज रिलीज हो रही है। अर्जुन के खाते में अभी चार और बड़ी फिल्में शामिल हैं हालांकि शुरू में उनका झुकाव निर्देशन की ओर ही था।
उन्होंने कहा, यदि मैं अभिनेता न होता तो मैं कैमरे के पीछे काम कर रहा होता, हालांकि अभी भी मेरा सपना फिल्म निर्देशन करना है। लेकिन फिलहाल में अभिनय का आनंद ले रहा हूं। अपनी दूसरी ही फिल्म में दोहरा चरित्र निभाना अभिनेता के लिए एक चुनौती है। फिल्म में उनके दोनों ही चरित्र एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।
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