
10 दिवसीय वार्षिक किन्नर कैलाश तीर्थयात्रा आधिकारिक तौर पर हिमाचल प्रदेश में शुरू हो गई है. यह यात्रा समुद्र तल से 6,050 मीटर ऊंचाई पर स्थित चट्टान से निर्मित भगवान शिव के 79 फुट ऊंचे शिवलिंग को समर्पित है.
एक अधिकारी ने बताया कि 385 श्रद्धालुओं के एक जत्थे ने किन्नौर जिले के रेकांगपिओ मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित तांगलिंग गांव के आधार शिविर से रवाना हुआ.
हनुमान जी के इस मंदिर में भूत-बाधा भगाने आते हैं लोग, आखिर क्या है सच?
आगे बताया, "मौसम की स्थिति के आधार पर तीर्थयात्रा 11 अगस्त को समाप्त हो सकती है. मौसम की स्थिति बिगड़ने पर यात्रा उस दिन या फिर कई दिनों के लिए भी रद्द की जा सकती है."
अधिकारी ने कहा, "भक्तों की सुविधा के लिए तंबू और चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं."
तीर्थयात्रियों की निगरानी के लिए आधार शिविर में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है.
Sawan: जानिए सावन के महीने में नॉनवेज को लेकर क्या कहता है विज्ञान?
28 जुलाई को तीर्थयात्रा के रास्ते में अचानक आई बाढ़ में दो भक्तों की मौत हो गई थी जबकि 251 को बचा लिया गया था. इसके बाद सरकार ने तीर्थयात्रा को रोक दिया था क्योंकि यह आधिकारिक तौर पर व्यवस्थित नहीं थी.
VIDEO: बुजुर्गों को मुफ्त में तीर्थयात्रा कराएगी दिल्ली सरकार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं