
फोटो साभार: mp.gov.in
भोपाल:
मध्य प्रदेश में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने सरकार द्वारा संधारित मंदिरों में दान व चढ़ावा में पुराने नोट नहीं लेने और ऐसे नोट मिलने पर आयकर विभाग को सूचना देने के निर्देश मंदिर समितियों को जारी किए हैं. विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि शासन संधारित मंदिरों को चढ़ावा या दान के रूप में राशि प्राप्त होती है.
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने निर्देश दिया कि भारत सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट अमान्य घोषित किए जाने के बाद प्रचलन से बाहर हुए इन नोटों को मंदिर में दान या चढ़ावा के रूप में स्वीकार नहीं किया जाए. बावजूद इसके यदि ऐसे नोट प्राप्त होते हैं तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को दी जाए.
निर्देशों में आगे कहा गया है कि शासन के मंदिरों में चढ़ावा तथा दान स्वरूप दानपेटी में प्राप्त होने वाली धनराशि की सत्त निगरानी की जाए. यदि पुराने नोट प्राप्त हुए हैं अथवा भविष्य में प्राप्त होंगे तो इसकी सूचना आयकर विभाग को दें.
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने निर्देश दिया कि भारत सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट अमान्य घोषित किए जाने के बाद प्रचलन से बाहर हुए इन नोटों को मंदिर में दान या चढ़ावा के रूप में स्वीकार नहीं किया जाए. बावजूद इसके यदि ऐसे नोट प्राप्त होते हैं तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को दी जाए.
निर्देशों में आगे कहा गया है कि शासन के मंदिरों में चढ़ावा तथा दान स्वरूप दानपेटी में प्राप्त होने वाली धनराशि की सत्त निगरानी की जाए. यदि पुराने नोट प्राप्त हुए हैं अथवा भविष्य में प्राप्त होंगे तो इसकी सूचना आयकर विभाग को दें.
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मध्य प्रदेश धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, मंदिर में पुराने नोट बंद, Religious Trusts & Endowments Department Madhya Pradesh