हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. पंचांग के अनुसार फिलहाल आषाढ़ महीना चल रहा है और इस माह के प्रदोष व्रत बेहद खास हैं क्योंकि दोनों रवि प्रदोष व्रत होंगे. पहला रवि प्रदोष व्रत 12 जुलाई को पड़ेगा. इसी कड़ी में आज हम आपको ऐसे कुछ सरल उपाय बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप जीवन में मान-सम्मान और पद प्रतिष्ठा पा सकते हैं.
गुड़ वाला जल अर्पित करें
रवि प्रदोष व्रत पर तांबे के बर्तन में शुद्ध जल भरें और उसमें थोड़ा सा गुड़ डालें. अब इस जल को शिवलिंग पर अर्पित करें. मान्यता है कि ऐसा करने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता और सरकारी कार्यों में सफलता की प्राप्ति होती है.
लाल चंदन से करें उपाय
रवि प्रदोष व्रत पर आप शवलिंग पर लाल चंदन का लेप लगाना बेहद फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है और भगवान शिव अपनी कृपा सदैव भक्तों पर बनाए रखती हैं.

अक्षत और काले तिल
रवि प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर अक्षत और काले तिल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है. इसके अलावा पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए भी ये उपाय बेहद लाभदायक माना जाता है.
रवि प्रदोष व्रत तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 12 जुलाई को सुबह 2 बजकर 4 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 12 जुलाई को ही 10 बजकर 29 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष काल को देखते हुए, जुलाई का पहला रवि प्रदोष व्रत 12 जुलाई 2026 को रखा जाएगा.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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