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This Article is From May 15, 2019

Ramadan 2019: इन देशों में रोजा ना रखने पर मिलती है कड़ी सजा, कहीं पड़ते हैं कोड़े तो कहीं होता है देश निकाला

मलेशिया में किसी मुस्लिम व्यक्ति द्वारा अपना रोजा तोड़ने पर उसे धार्मिक पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है.

Ramadan 2019: इन देशों में रोजा ना रखने पर मिलती है कड़ी सजा, कहीं पड़ते हैं कोड़े तो कहीं होता है देश निकाला
रोज़ा न रखने पर इन देशों में मिलती है ऐसी सज़ाएं
  • सार्वजनिक स्थान पर खान-पान है मना
  • कैद और जुर्माने की है सजा
  • यूएई में काम करने के घंटे कम कर दिए जाते हैं
नई दिल्ली:

Ramadan 2019: रमजान का पाक महीना चल रहा है. इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे महीने 29 या 30 दिनों तक रोजे रखते हैं. इसके साथ ही वो पांचों वक्त की नमाज़, कुरान की तिलावत और ज़कात की अदायगी करते हैं. रमजान (Ramzan) के महीने के बाद मीठी ईद या ईद-उल-फितर या फिर ईद उल-फ़ित्र (eid ul fitr) मनाई जाती है. मान्यता है कि रमजान में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं. इस वजह से लगभग सभी मुस्लिम रोजा रखते हैं. लेकिन सफर, बीमारी, गर्भावस्था और मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान लोगों को रोजा ना रखने की इजाजत है. वहीं, मुस्लिम देशों में रोजा ना रखना अपराध माना जाता है. वहां रोजा ना रखने वालों को सजा देने का प्रावधान भी है.

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सऊदी अरब
इस देश का कानून इस्लामिक कानून के मुताबिक बनाया गया है. यहां सभी मुस्लिम लोगों को रोजा रखना बेहद जरूरी होता है. लेकिन अगर विदेशी या गैर-मुस्लिम व्यक्ति यहां इफ्तार से पहले खाते-पीते, धूम्रपान करते, शराब पीते और तेज आवाज में गाना सुनते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ यहां कड़ी कार्रवाई होती है. इस कार्रवाई के तहत उन्हें कारावास, कोड़े मारने और देश निकाला आदि की सजा दी जाती है. 

मलेशिया
मलेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देश में अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति इफ्तार से पहले दिन के समय अपना रोजा तोड़ता है तो उसे धार्मिक पुलिस गिरफ्तार कर लेती है. इसके अलावा मलेशिया में रमजान में कोई भी इफ्तार से पहले खाना या तम्बाकू नहीं बेच सकता, जिस वजह से यहां शाम को ही खाने-पीने की दुकानें खोली जाती हैं. ऐसा ना करने वालों पर RM 1000 से RM 2000(16 हज़ार से 30 हज़ार से अधिक) तक का जुर्माना और एक साल की कैद की सजा या दोनों हो सकते हैं. यह सजा रोजा न रखने वालों और सार्वजनिक स्थान पर खाने-पीने वाले लोगों पर भी लागू होती है. इसके साथ ही रोजे के दौरान खाना बेचने वालों का लाइसेंस बिना पूछे ही रद्द कर दिया जाता है.

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कुवैत
यहां रमजान में मुस्लिम और गैर-मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए सार्वजनिक जगहों पर खाना-पीना, धूम्रपान करना और शराब पीना सख्त मना है. इसके लिए कुवैत में 1968 की कानून संख्या 44 में नियम तोड़ने पर सजा भी तय की गई है, जिसमें व्यक्ति को करीब एक महीने तक की जेल की सजा और 100 कुवैती दीनार (लगभग 23 हज़ार) का जुर्माना अदा करना होता है.

ओमान
रमजान में यहां के निवासियों (मुस्लिम या गैर-मुस्लिम) को ओमान दंड संहिता के अनुच्छेद 277 के अनुसार समान आचार संहिता का पालन करना जरूरी होता है. ओमानी कानून में इफ्तार से पहले किसी व्यक्ति द्वारा रोजा तोड़ने, पब्लिक प्लेस पर खान-पान करने और स्मोकिंग करने पर उन्हें 10 दिन से 3 महीने तक की जेल की सजा देने का प्रावधान है. हालांकि इस कानून में जुर्माने की कोई सजा तय नहीं की गई है.

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इन सब के अलावा यूएई में रमजान का महीना शुरू होते ही काम करने का समय 8 घंटे से 6 घंटे में कर दिया जाता है. यानी कोई भी कंपनी या फर्म यहां अपने कर्मचारियों (मुस्लिम और गैर-मुस्लिम) से 6 घंटे से ज्यादा काम नहीं करवा सकती है.

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