Hindu Religious Tree in India: पेड़-पौधों का संबंध सिर्फ प्रकृति से ही नहीं बल्कि परमात्मा से भी जुड़ा हुआ है. हिंदू आस्था से जुड़े कई ऐसे पेड़ और पौधे हैं जिन पर देवी-देवताओं और नवग्रहों का वास माना जाता है. पेड़-पौधों से जुड़ी यही आस्था अक्सर हमें तीज-त्योहार पर लोगों के द्वारा की जाने वाली पूजा के माध्यम से नजर आती है. आइए हिंदू धर्म से जुड़े पवित्र पेड़-पौधों का धार्मिक-आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व के साथ यह जानते हैं कि आखिर किस पेड़ में किस देवी या देवता का वास होता है.
बेल का पेड़
हिंदू मान्यता के अनुसार बेल के पेड़ का संबंध देवों के देव महादेव से जोड़कर देखा जात है. शिव पूजा में जिस बेलपत्र और बेल के फल को अर्पित करने का अत्यधिक पुण्यफल माना गया है, उस बेल के पेड़ में भगवान शिव का वास माना जाता है, जबकि इसकी पत्तियों में त्रिदेव यानि ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है.
आंवला का पेड़
हिंदू मान्यता के अनुसार आंवले के पेड़ का संबंध लक्ष्मी और नारायण दोनों से होता है. यदि बात करें भगवान विष्णु की तो श्री हरि की पूजा से जुड़ा आमलकी एकादशी व्रत वाले दिन आंवले के पेड़ की विशेष पूजा की जाती है.
पीपल का पेड़
हिंदू धर्म में पीपल क पेड़ के पेड़ पर त्रिदेव यानि ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का वास माना जाता है. मान्यता यह भी है कि इस पर पितृ देवता भी निवास करते हैं. पीपल की पूजा से पितर और शनि देवता का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
केले का पेड़
हिंदू धर्म में केले के पेड़ को अत्यधिक पवित्र और पूजनीय माना गया है क्योंकि इसका संबंध भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति से जुड़ा हुआ है. सनातन परंपरा में तमाम शुभ कार्यों में केले के पत्ते और इसके फल का प्रयोग किया जाता है.
नीम का पेड़
हिंदू मान्यता के अनुसार नीम के पेड़ पर देवी दुर्गा का वास माना जाता है. मान्यता है कि नीम के वृक्ष की पूजा करने पर साधक को शक्ति के दिव्य स्वरूप शीतला माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
तुलसी का पेड़
तुलसी एक ऐसा पौधा है जो आपको प्रत्येक सनातनी व्यक्ति के घर में दिख जाएगा. तुलसी को विष्णुप्रिया कहा जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार यह धन की देवी माता लक्ष्मी का प्रतीक होता है, जिसके पवित्र पत्ते को चढ़ाए बगैर भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है. तुलसी का पौधा सभी दोषों को दूर करे सुख-सौभाग्य दिलाता है.
शमी का पेड़
सनतान परंपरा में शमी के पौधे का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है. इसका संबंध शिव ओर शनि देव से जोड़कर देखा जाता है. इसकी पत्तिया बेलपत्र की तरह भगवान शिव को अर्पित की जाती हैं. साथ ही साथ शनि और गणपति की पूजा में भी शमीपत्र चढ़ाया जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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