April Mahine Me Ekadashi Kab Hai: हिंदू धर्म में जगत के पालनहार माने जाने वाले भगवान विष्णु की पूजा के लिए एकादशी व्रत को सबसे उत्तम माध्यम माना गया है. यह व्रत प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है. पंचांग के अनुसार अप्रैल के महीने में यह व्रत कब-कब और किस-किस नाम से रखा जाएगा? अप्रैल के महीने में पड़ने वाले एकादशी व्रत का क्या धार्मिक महत्व है और उसे विधि-विधान से रखने पर कौन सी कामना पूरी हो सकती है? आइए अप्रैल 2026 में पड़ने वाली सभी एकादशी के बारे में विस्तार से जानते हैं.
अप्रैल में कब-कब पड़ेगा एकादशी का व्रत?

वरुथिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार वैशाख मास की एकादशी तिथि जिसे वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है वह इस साल अप्रैल महीने की 13 तारीख को पड़ेगी. वैशाख कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि 13 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 01:16 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 14 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 01:08 बजे समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के आधार पर यह व्रत 13 अप्रैल 2026 को ही रखा जाएगा और इसका पारण अगले दिन 14 अप्रैल को प्रात:काल 06:5 से लेकर 08:31 के बीच किया जा सकेगा.
वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है. हिंदू धर्म में वरुथिनी एकादशी व्रत को सभी दुखों, कष्ट को हरने वाला और अंत में मोक्ष दिलाने वाला माना गया है. मान्यता है कि वरुथिनी एकादशी व्रत को विधि-विधान से करने पर साधक को कई हजार वर्षों के तप और सूर्य ग्रहण के दान के बराबर पुण्यदायी माना गया है. इस व्रत को श्री हरि के रक्षा कवच के रूप में माना जाता है, जिसके पुण्य प्रताप से साधक हमेशा नकारात्मक ऊर्जा से बचा रहता है.
मोहिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त

हिंदू मान्यता के अनुसार वैशाख शुक्लपक्ष की एकादशी पर भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की विशेष पूजा और व्रत किया जाता है. पंचांग के अनुसार इस साल यह पावन तिथि 26 अप्रैल 2026 की शाम को 06:06 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 27 अप्रैल 2026 को सायंकाल 06:15 बजे समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि को आधार मानते हुए मोहिनी एकादशी व्रत 27 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा. जबकि इस व्रत का पारण अगले दिन 28 अप्रैल को प्रात:काल 05:43 से 08:21 के बीच किया जा सकेगा.
मोहिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु को समर्पित मोहिनी एकादशी व्रत को करने पर साधक तमाम तरह के सांसारिक मोह और बंधनों से मुक्त होकर श्री हरि से सुख-सौभाग्य प्राप्त करता है. मोहिनी एकादशी का यह व्रत साधक के द्वारा जाने-अनजाने में किए गये पापों का नाश करके पुण्य प्रदान करता है. हिंदू मान्यता के अनुसार मोहिनी एकादशी का व्रत कई हजारों गाय के दान के बराबर पुण्यदायी माना गया है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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