Chardham Yatra: चारधाम यात्रा भारत की सबसे पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं और देवताओं व पवित्र नदियों के रूप में देवी‑देवताओं के दर्शन का पुण्य प्राप्त करते हैं. चारधाम की यात्रा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की होती है. ये चारों मंदिर हिमालय की दिव्य और मनमोहक सुंदरता से घिरे हुए हैं. यहां आने वाले भक्तों को भगवान के दर्शन का अवसर मिलता है और वे उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. यह यात्रा बहुत ही आध्यात्मिक मानी जाती है, जो इंसान को शांति, आत्मिक विकास और मोक्ष की ओर ले जाती है. हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा के लिए पंजीकरण कराते हैं और श्रद्धा व पवित्र मन से इस यात्रा को पूरा करते हैं. हर साल अप्रैल महीने में श्रद्धालु चारधाम के पवित्र मंदिरों के दर्शन के लिए यात्रा कर सकते हैं. इन मंदिरों के कपाट खुलने की सही तिथियां हिंदू पंचांग के अनुसार प्रमुख पुजारियों द्वारा तय की जाती हैं. चलिए आपको बताते हैं इस साल यात्रा कब शुरू हो रही है और कब खत्म हो रही है.
चारधाम यात्रा के कपाट खुलने की डेट (Chardham Yatra Opening Date 2026)
- बद्रीनाथ- 23 अप्रैल (06:15 AM)
- केदारनाथ- 22 अप्रैल (08:00 AM)
- गंगोत्री- 19 अप्रैल
- यमनोत्री- 19 अप्रैल
- बद्रीनाथ- 23 अप्रैल (06:15 AM)
- केदारनाथ- 22 अप्रैल (08:00 AM)
- गंगोत्री- 19 अप्रैल
- यमनोत्री- 19 अप्रैल
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चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशनरजिस्ट्रेशन- 'Tourist Care Uttarakhand' ऐप या वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करें
सबसे अच्छा समय- मई से जून (गर्मी) और सितंबर से अक्टूबर
हेलीकॉप्टर बुकिंग- heliservices.uk.gov.in से ही करें
चारधाम का आध्यात्मिक महत्वचारधाम भारत के सबसे पवित्र और आध्यात्मिक तीर्थ स्थलों में से एक है. यह स्थान भक्ति, श्रद्धा और आस्था का सुंदर संगम है. चारधाम के चार पवित्र तीर्थ यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ हर श्रद्धालु के जीवन में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक बदलाव लाने का प्रतीक माने जाते हैं. इन चारों धामों की यात्रा से भक्तों को ईश्वर के और अधिक करीब होने का अवसर मिलता है. यह यात्रा मन को शांति देती है, आत्मा को सुकून पहुंचाती है और इंसान को आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाती है.
केदारनाथ मंदिरकेदारनाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है और यह भगवान शिव को समर्पित है. यह मंदिर गढ़वाल हिमालय के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है. केदारनाथ उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का एक प्रमुख पड़ाव है और यह समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. शांत और सुंदर हिमालयी वातावरण में स्थित यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक शांति और ईश्वर से गहरा जुड़ाव प्रदान करता है.
बद्रीनाथ मंदिरबद्रीनाथ मंदिर गढ़वाल हिमालय के चमोली जिले में स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है. यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,133 मीटर की ऊंचाई पर बना है और भगवान विष्णु को समर्पित है. यहां का शांत वातावरण, सुंदर प्राकृतिक दृश्य और मंदिर की प्राचीन एवं भव्य वास्तुकला इसे खास बनाती है. यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ‑साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करता है.
यमुनोत्रीयमुनोत्री मंदिर देवी यमुना को समर्पित एक पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल है. यह मंदिर गढ़वाल हिमालय में स्थित है. यमुना नदी का उद्गम यमुनोत्री ग्लेशियर से माना जाता है. अपने धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह स्थान भक्तों को बहुत प्रिय है. यह मंदिर प्रकृति की गोद में स्थित एक शांत और पवित्र स्थान है.
गंगोत्रीगंगोत्री मंदिर देवी गंगा को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ है. यह उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गढ़वाल हिमालय में स्थित है. गंगोत्री को पवित्र गंगा नदी का उद्गम स्थल माना जाता है. इस मंदिर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां देवी गंगा का आशीर्वाद लेने आते हैं.
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