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Bada Mangal 2026: सातवां बड़ा मंगल आज, करें पंडित जी के बताए ये उपाय, मिलेंगे शुभ परिणाम

आज यानी 15 जून को ज्येष्ठ महीने का सातवां बड़ा मंगल है. इस दिन बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. साथ ही शुभ मुहूर्त में हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा पाठ, सिंदूर चोला और शरबत वितरण से विशेष पुण्य फल मिलने की मान्यता है.

Bada Mangal 2026: सातवां बड़ा मंगल आज, करें पंडित जी के बताए ये उपाय, मिलेंगे शुभ परिणाम
बड़ा मंगल के उपाय
Photo Credit: NDTV

ज्येष्ठ महीने में आने वाले बड़े मंगल का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है. इस वर्ष अधिक मास के कारण आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं और 16 जून को सातवां बड़ा मंगल है. पंडित कौशल पांडेय के अनुसार इस बड़ा मंगल पर भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करने से मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सुख, सफलता तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. साथ ही बजरंगबली प्रसन्न होकर अपनी कृपा बनाए रखते हैं.

हनुमान मंदिर में करें दर्शन

बड़े मंगल पर किसी भी समय हनुमान मंदिर जाकर दर्शन और पूजा करना शुभ माना गया है. मंगल का अर्थ शुभ और कल्याण होता है. ज्योतिष में मंगल को पराक्रम का कारक और सौर परिवार में सेनापति का दर्जा दिया गया है. आमतौर पर लोग मंगल के नाम से भयभीत रहते हैं. विशेषकर जब कुंडली को मंगली कह दिया जाता है. मंगल मंगलकारी ग्रह कहा गया है-

धरणी गर्भ संभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्। 
कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम्।।

पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि जो धरती के गर्भ से उत्पन्न हुए हैं जिनकी प्रभा बिजली के समान लाल है. जो कुमार हैं और अपने कार्य में शक्ति लिए हुए हैं. उन मंगल को मैं नमस्कार करता हूं. मंगल से बनने वाले सुनफा और अनफा योग चंद्र, मंगल, शनि व शुक्र से बनने वाला इंद्र योग है इसके अलावा पंचमहापुरुष योगों में से मंगल से बनने वाला रुचक योग चंद्र और मंगल योग है. यह व्यक्ति को संपन्न, सुखी, स्वस्थ, पराक्रमी एवं राजनीतिज्ञ बनाते हैं.

मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी है मंगल

पांडेय ने कहा कि मंगल देव मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी है. मकर राशि में यह उच्च और कर्क राशि में अशुभ प्रभाव देते है. मंगल नक्षत्रों में मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा का स्वामी है. सिंह, धनु और मीन राशियों  से मित्रवत व्यवहार रखते है. कन्या और मिथुन राशि के साथ शत्रुता तथा वृष, तुला, मकर और कुंभ के साथ सम भाव रखता है.

मंगल को पापी ग्रह माना गया है. जन्मांग का तीसरा और छठा भाव दोनों इसके कारकत्व में आते है  मंगल को युद्ध के देवता कार्तिकेय का ही स्वरूप माना गया है. यह जन्मांग में अपने स्थान से भाव 4, 7 और 8 पर पूर्ण दृष्टि रखता है क्योंकि इन भावों की रक्षा का भार सेनापति पर ही होता है.

मंगल ग्रह को शुभ बनाने के ये है उपाय

  • आज के दिन प्रातः श्री हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल से चोला चढ़ा कर चांदी का वर्क लगाए फिर जनेऊ पहना कर पान के पत्ते पर बूंदी वाले लड्डू का भोग अर्पित करे. 
  • श्री हनुमान जी चिरंजीवी है और अपने भक्तों की सच्ची पुकार पर अवश्य सुनते है बशर्ते सच्चे मन और पवित्र भाव से श्री हनुमान चालीसा का पाठ पूर्व या उत्तर की तरफ मुंह कर के पढ़े. 
  • गर्मी का मौसम है आज के दिन गुलाब शरबत का वितरण करना चाहिए क्योंकि मंगल देव को लाल रंग बहुत ही प्रिय है. आज के दिन मीठा शरबत वितरण करना चाहिए.
  • मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और भुने चने और गुड़ का भोग लगा कर प्रसाद बांटना चाहिए.

भक्तों की सच्ची प्रार्थना अवश्य सुनते हैं भगवान

पंडित कौशल पांडेय का मानना है कि भगवान हनुमान अपने भक्तों की सच्ची प्रार्थना अवश्य सुनते हैं. इसलिए बड़े मंगल के दिन श्रद्धा, सेवा और भक्ति के साथ पूजा करने से जीवन में आने वाली कई परेशानियां दूर हो सकती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है.

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