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साइबर ठगों के ल‍िए काल हैं आईपीएस शरण कांबले, गरीबी को मात देकर क्रैक की UPSC

IPS शरण कांबले गोपीनाथ ने राजस्थान में 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के 4 हजार से ज्यादा मामलों की जांच कर 17 आरोपियों और बैंक अधिकारियों को जेल पहुंचाया. उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक मिला है. पढ़‍िए उनकी सक्‍सेस स्‍टोरी. 

साइबर ठगों के ल‍िए काल हैं आईपीएस शरण कांबले, गरीबी को मात देकर क्रैक की UPSC
20 लाख की नौकरी ठुकराई, बने IPS; 100 करोड़ की ठगी का खुलासा कर जीता गृह मंत्री पदक
  • आईपीएस शरण गोपीनाथ कांबले ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामलों में 17 आरोपियों को जेल भेजा
  • शरण कांबले को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है
  • हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न स्थानों से आरोपी और बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया

ips kamble sharan Gopinath: राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी शरण गोपीनाथ कांबले ने कमाल कर दिखाया है. प्रदेश में नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के 4 हजार से ज्यादा मामलों में 17 आरोपियों और बैंक अधिकारियों को जेल भिजवाया है. इस उपलब्धि की बदौलत आईपीएस शरण कांबले को 'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' से सम्मानित किया गया है. NDTV से खास बातचीत में आईपीएस शरण कांबले ने ठगों पर कानून का शिकंजा कसने और गरीबी को मात देकर UPSC क्रैक करने तक की पूरी सफलता की कहानी साझा की.

NDTV से बातचीत में शरण कांबले ने बताया कि साइबर ठग काफी शातिर होते हैं, मगर वे अनुसंधान में उनसे एक कदम आगे रहे. नतीजा यह रहा कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न स्थानों से ठगी करने वाले 17 आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली और उन्हें जेल भी पहुंचाया गया. आरोपियों में कई बैंक अधिकारी भी शामिल हैं.

IPS शरण कांबले गोपीनाथ वर्तमान में राजस्थान के भरतपुर के पास डीग के पुलिस अधीक्षक पद पर सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले वे एएसपी अलवर सिटी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सांचौर, जिला जालौर में तैनात रहे. राजस्थान पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के 4 हजार से ज्यादा मामलों की जांच आईपीएस शरण कांबले को सौंपी तो वे अनुसंधान, अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बन गए. 

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आईपीएस शरण कांबले की टीम द्वारा पकड़े गए साइबर ठगी के आरोपी. Photo Credit: alwar Police

IPS शरण कांबले की सक्सेस स्टोरी

शरण कांबले बताते हैं कि उनका जन्म 30 सितंबर 1993 को महाराष्ट्र के सोलापुर के एक गरीब परिवार में हुआ था. उनके पिता घर का खर्च चलाने के लिए गटर खोदने का काम करते थे, जबकि मां सब्जियां बेचती थीं. उस समय घर में बिजली भी नहीं थी और उन्होंने लालटेन की रोशनी में पढ़ाई की. उन्होंने शुरुआती शिक्षा जिला परिषद और सरकारी स्कूलों से प्राप्त की. इसके बाद सांगली के वालचंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीटेक तथा भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से एमटेक की डिग्री हासिल की.

एमटेक करने के बाद उनके पास 20 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी का प्रस्ताव था, मगर उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा का रास्ता चुना और तैयारी शुरू कर दी. UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2020 में 542वीं रैंक हासिल कर वे राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी बने. जालौर जिले के सांचौर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने ड्रग्स और NDPS मामलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर विशेष जोर दिया. नशे के खिलाफ पुलिस अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रमों में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें DGP Disc सम्मान से भी नवाजा जा चुका है. 

इन अफसरों को म‍िला  'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' 

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