- IPS मनीष कुमार को 'दृश्यम' फिल्म जैसी हत्या केस की डीएनए जांच से सफलता के लिए सम्मानित किया गया
- मनीष कुमार राजस्थान कैडर के 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक हैं
- मनीष कुमार और आईएएस अधिकारी रिया डाबी की शादी के बाद मनीष का कैडर राजस्थान में ट्रांसफर हुआ था
IPS Manish Kumar IAS Ria Dabi: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी मनीष कुमार को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है. उन्हें ‘दृश्यम' फिल्म देखकर एक वृद्धा की हत्या करने, शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने वाले आरोपी को कंकाल की डीएनए जांच के जरिए बेनकाब कर सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए यह सम्मान दिया गया है. मनीष कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी रिया डाबी हैं. मनीष कुमार और रिया डाबी की प्रेम कहानी भी काफी चर्चित रही है. दोनों ने गुपचुप शादी की थी. इंटर-कैडर ट्रांसफर की जानकारी सामने आने के बाद ही उनकी शादी की बात सार्वजनिक हुई थी. रिया की बहन टीना डाबी और जीजा प्रदीप गवांडे भी आईएएस अधिकारी हैं. दोनों वर्तमान में जिला कलेक्टर के पद पर तैनात हैं.

IPS Manish Kumar Success Story: DNA जांच से खुला ‘दृश्यम' जैसा मर्डर, मिला बड़ा सम्मान. Photo Credit: Manish Kumar instagram
IPS मनीष कुमार कौन हैं?
मनीष कुमार राजस्थान कैडर के 2021 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं. वे मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं. 2 फरवरी 1994 को जन्मे मनीष कुमार के पास बी.टेक. और एम.ए. (क्रिमिनल जस्टिस मैनेजमेंट) की डिग्री है. वर्तमान में वे डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले वे फरवरी 2024 से जुलाई 2025 तक उदयपुर जिले के मावली सर्कल में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में कार्यरत रहे. इसी दौरान उन्होंने ‘दृश्यम' स्टाइल वाले चर्चित मर्डर केस का खुलासा किया था.
IPS मनीष कुमार और IAS रिया डाबी की लव स्टोरी
आईएएस रिया डाबी और आईपीएस मनीष कुमार दोनों दिल्ली के निवासी हैं और एससी परिवार से संबंध रखते हैं. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में रिया डाबी ने अखिल भारतीय स्तर पर 15वीं रैंक हासिल कर आईएएस सेवा प्राप्त की थी, जबकि मनीष कुमार 581वीं रैंक के साथ आईपीएस अधिकारी बने थे. दोनों की मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में हुई थी. यहीं दोस्ती शुरू हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई.
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आईएएस रिया डाबी और आईपीएस मनीष कुमार दोनों दिल्ली के निवासी हैं और एससी परिवार से संबंध रखते हैं.
Photo Credit: ria dabi Instagram
शादी के लिए बदला कैडर
यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद रिया डाबी को राजस्थान कैडर मिला था, जबकि मनीष कुमार को महाराष्ट्र कैडर आवंटित हुआ था. रिया डाबी से विवाह के आधार पर 16 जून 2023 को मनीष कुमार का महाराष्ट्र से राजस्थान कैडर में इंटर-कैडर ट्रांसफर किया गया. इसी ट्रांसफर की जानकारी सामने आने के बाद दोनों की शादी की खबर सार्वजनिक हुई. इसके बाद फरवरी 2024 में जयपुर में दोनों ने अपनी शादी का भव्य रिसेप्शन भी आयोजित किया था.

बहन और जीजा भी हैं IAS अधिकारी
रिया डाबी अपने परिवार में तीसरी आईएएस अधिकारी हैं. उनकी बड़ी बहन टीना डाबी और बहनोई प्रदीप गवांडे भी आईएएस अधिकारी हैं. चारों अधिकारी राजस्थान कैडर में ही कार्यरत हैं. मनीष कुमार वर्तमान में डूंगरपुर के एसपी हैं, जबकि टीना डाबी टोंक की जिला कलेक्टर और प्रदीप गवांडे जालोर के जिला कलेक्टर हैं. रिया डाबी मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की ओएसडी के रूप में कार्य कर रही हैं.
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राजस्थान के 7 पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राजस्थान में कानून व्यवस्था बनाए रखने और जटिल मामलों के सफल निस्तारण के लिए आईपीएस मनीष कुमार समेत कुल सात पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया.
1. IPS डॉ. अजेय सिंह राठौड़: किशनगढ़ में सात दिन पुराने डी-कंपोज शव के मामले में लेयर्ड वॉयस तकनीक से टॉर्चर का वीडियो बरामद कर मात्र 24 घंटे में हत्यारे दंपति को गिरफ्तार किया.
2. IPS अनुष्ठा कालिया: भारत-पाक सीमा के खाजूवाला क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए गिराई गई पांच विदेशी पिस्टल और 325 कारतूस बरामद कर अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया.
3. IPS कांबले शरण गोपीनाथ: नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े 4 हजार से ज्यादा मामलों में 17 आरोपियों और बैंक अधिकारियों को जेल पहुंचाया.
4. IPS मनीष कुमार: राजस्थान में एक बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद शव जला दिया गया था. आरोपी ने ‘दृश्यम' फिल्म देखकर मर्डर किया था. इसके बाद सबूत मिटाने की कोशिश की. आईपीएस मनीष कुमार ने कंकाल की डीएनए जांच के जरिए कोतिल को पकड़ा.
5. IPS जतिन जैन: नागौर में पॉक्सो और गैंगरेप के गंभीर मामले में सिर्फ सात दिन के भीतर वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर त्वरित न्याय सुनिश्चित किया.
6. IPS रोशन मीणा: टोंक में 70 वर्षीय वृद्धा की हत्या और लूट के ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को घटनास्थल से मिली चाबियों के आधार पर सुलझाया.
7. DSP प्रेम कुमार: ‘ऑपरेशन शटर डाउन' के तहत चार राज्यों में 30 ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर सिंडिकेट से जुड़े 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया.
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