
ऑड-ईवन के दौरान दिल्ली की सड़क की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खराब होती हवा की गुणवत्ता के समाधान के लिए मंगलवार को दिल्ली सरकार को संबंधित प्राधिकारों के साथ बैठक बुलाने का निर्देश दिया. अधिकरण को बताया गया कि प्रदूषण रोकने में ऑड-ईवन कार्यक्रम से कोई मदद नहीं मिली.
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता में एक पीठ ने दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी और अन्य पक्षों को जल्द बैठक करने का निर्देश दिया.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने अधिकरण को बताया कि अप्रैल में ऑड-ईवन कार्यक्रम के दूसरे सप्ताह में हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ.
उसने कहा कि असल में उसकी रिपोर्ट के मुताबिक, ऑड-ईवन लागू होने की अवधि में दिल्ली में हवा की गुणवत्ता उस अवधि की तुलना में अधिक बदतर हो गई, जब यह योजना लागू नहीं थी. मामले की अगली कार्यवाही 16 नवंबर को होगी.
इससे पहले शीर्ष प्रदूषण निगरानी संस्था ने एनजीटी से कहा कि ऑड-ईवन कार्यक्रम के दूसरे सप्ताह में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण स्तर पर असर डालने वाला साबित नहीं हुआ.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता में एक पीठ ने दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी और अन्य पक्षों को जल्द बैठक करने का निर्देश दिया.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने अधिकरण को बताया कि अप्रैल में ऑड-ईवन कार्यक्रम के दूसरे सप्ताह में हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ.
उसने कहा कि असल में उसकी रिपोर्ट के मुताबिक, ऑड-ईवन लागू होने की अवधि में दिल्ली में हवा की गुणवत्ता उस अवधि की तुलना में अधिक बदतर हो गई, जब यह योजना लागू नहीं थी. मामले की अगली कार्यवाही 16 नवंबर को होगी.
इससे पहले शीर्ष प्रदूषण निगरानी संस्था ने एनजीटी से कहा कि ऑड-ईवन कार्यक्रम के दूसरे सप्ताह में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण स्तर पर असर डालने वाला साबित नहीं हुआ.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)