सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में चल रहे पीजी भवनों की व्यापक जांच शुरू कर दी है. निगम ने पूरे शहर में ऐसे 1,243 पीजी भवनों की पहचान की है जिनमें करीब 24 हजार लोग रह रहे हैं. अब इन इमारतों की संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके.
इमारतों की सुरक्षा के आधार पर हो रहा वर्गीकरण
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार सर्वे के दौरान इमारतों को चार श्रेणियों में बांटा जा रहा है. पहली श्रेणी में वे भवन हैं जो पूरी तरह सुरक्षित दिखाई देते हैं. दूसरी श्रेणी में वे इमारतें हैं जिन्हें मामूली मरम्मत के बाद सुरक्षित बनाया जा सकता है. तीसरी श्रेणी में बड़ी मरम्मत की जरूरत वाले भवन रखे जा रहे हैं जबकि चौथी श्रेणी में खतरनाक और असुरक्षित इमारतों को शामिल किया जा रहा है.
इस अभियान में विशेष रूप से उन भवनों की जांच की जा रही है जो आरसीसी फ्रेम स्ट्रक्चर वाले पांच मंजिल से अधिक ऊंचे हैं या फिर लोड-बेयरिंग ईंट की दीवारों वाले चार मंजिल से ज्यादा ऊंचे हैं. एमसीडी को यह पूरी प्रक्रिया 10 सितंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
अनियमितता मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
एमसीडी ने साफ किया है कि जहां भी संरचनात्मक कमियां, बिना मंजूरी का निर्माण या सुरक्षा से जुड़ी अन्य खामियां पाई जाएंगी वहां नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर सीलिंग, तोड़फोड़ और अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे.
12 जोन में चला अभियान, 34 जगह कार्रवाई
सर्वे के साथ-साथ एमसीडी ने मंगलवार को अपने सभी 12 जोन में 34 स्थानों पर प्रवर्तन अभियान चलाया. इस दौरान 17 संपत्तियों को सील किया गया. 22 संपत्ति मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए जबकि चार मामलों में तोड़फोड़ के आदेश दिए गए. इन कार्रवाइयों में अवैध निर्माण, खतरनाक भवन, संपत्ति के गलत उपयोग और मास्टर प्लान तथा बिल्डिंग बाय-लॉज के उल्लंघन से जुड़े मामले शामिल थे.
कई इलाकों में तोड़फोड़, आगे भी जारी रहेगा अभियान
8 सितंबर को भी एमसीडी ने 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी और पांच संपत्तियों को सील किया था. जामा मस्जिद क्षेत्र के कूचा चेलान में एक भवन की छत के हिस्से और पार्टीशन दीवार हटाई गई. बाजार सीताराम में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया.
विकास नगर और द्वारका सेक्टर-17 में खतरनाक घोषित भवनों के खिलाफ कार्रवाई हुई. राणा प्रताप बाग में आरसीसी स्लैब और दीवार का हिस्सा तोड़ा गया जबकि मॉडल टाउन के सरदार नगर में तीन आरसीसी स्लैब पैनल हटाए गए. एमसीडी का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी इमारतों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें- कोई IPS तो कोई डिफेंस से... दिल्ली नगर निगम में 11 में से 6 DC डेपुटेशन पर, जानिए क्या है बड़ी चुनौती?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं