नई दिल्ली:
सोमवार को भी दिल्ली में बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोग काफी परेशान दिखे. एक ऑप्टिकल स्टोर चलाने वाली संगीत वर्मा मयूर विहार के एक बैंक की कतार में घंटों से खड़ी रहीं. अपनी बेटी के साथ कैश जमा कराने आयी संगीता को कई घंटों के लिए अपना स्टोर भी बंद करना पड़ा, क्योंकि उनके अलावा वहां बैठने वाला कोई और नहीं है.
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कमोबेश ऐसा ही नजारा देखने को मिला. शकरपुर इलाके में सुबह से लाइन में खड़े बुजुर्ग बेहद नाराज दिखे. रामलाल वर्मा नामक एक बुजुर्ग कहना था कि तमाम राजनीतिक पार्टियों के लोग हैं, वो यहां आएं और व्यवस्था ठीक करने में सहयोग करें. एक पुलिसवाला बैंक के बाहर तैनात है, वो क्या-क्या करेगा.
कई जगह एटीएम ठप मिले. जहां एटीएम ठप थे, वहां बैंक के बाहर लोगों का इंतजार और लंबा हो गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैंकों के बाहर पुलिस तैनात हैं और कई जगहों पर लाइनों में लगे लोगों को पानी और बिस्कुट भी बांटे जा रहे हैं, लेकिन लोगों को असली राहत तभी मिल पाएगी जब उन्हें जरूरत के हिसाब से कैश और इन लाइनों से छुटकारा मिले.
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कमोबेश ऐसा ही नजारा देखने को मिला. शकरपुर इलाके में सुबह से लाइन में खड़े बुजुर्ग बेहद नाराज दिखे. रामलाल वर्मा नामक एक बुजुर्ग कहना था कि तमाम राजनीतिक पार्टियों के लोग हैं, वो यहां आएं और व्यवस्था ठीक करने में सहयोग करें. एक पुलिसवाला बैंक के बाहर तैनात है, वो क्या-क्या करेगा.
कई जगह एटीएम ठप मिले. जहां एटीएम ठप थे, वहां बैंक के बाहर लोगों का इंतजार और लंबा हो गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैंकों के बाहर पुलिस तैनात हैं और कई जगहों पर लाइनों में लगे लोगों को पानी और बिस्कुट भी बांटे जा रहे हैं, लेकिन लोगों को असली राहत तभी मिल पाएगी जब उन्हें जरूरत के हिसाब से कैश और इन लाइनों से छुटकारा मिले.
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