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This Article is From Sep 12, 2017

अनुपयुक्त हमदर्दी अपराध न्याय व्यवस्था के लिए नुकसानदेह : कोर्ट

न्यायाधीश ने कहा ‘अपराध की गंभीरता और प्रकृति के हिसाब से सजा पर विचार करना चाहिए अन्यथा यह कानून के प्रति सम्मान को गंभीर रूप से कमजोर कर सकता है.

अनुपयुक्त हमदर्दी अपराध न्याय व्यवस्था के लिए नुकसानदेह : कोर्ट
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
  • एक स्थानीय अदालत ने एक मोबाइल चोरी मामले के कहा.
  • इस व्यक्ति ने भारी यातायात में व्यक्ति का ध्यान भटका कर फोन चुराया था.
  • इसेक चलते अदालत ने दोषी की अपील को खारिज कर दिया.
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नई दिल्ली: एक मोबाइल चारी मामले में अदालत ने कहा कि अारोपी के लिए अनुपयुक्त हमदर्दी आपराधिक न्यायिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकती है. एक स्थानीय अदालत ने मोबाइल चोरी करने वाले एक व्यक्ति की जेल की सजा रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि आरोपी के लिए अनुपयुक्त हमदर्दी अपराध न्याय व्यवस्था के लिए नुकसानदेह है. इस व्यक्ति ने भारी यातायात में व्यक्ति का ध्यान भटका कर फोन चुराया था.

विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार ने चोरी के जुर्म में मोहम्मद युसूफ को जेल भेजने और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाने के मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले के खिलाफ उसकी अपील खारिज कर दी.

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न्यायाधीश ने कहा ‘अपराध की गंभीरता और प्रकृति के हिसाब से सजा पर विचार करना चाहिए अन्यथा यह कानून के प्रति सम्मान को गंभीर रूप से कमजोर कर सकता है. आरोपी के लिए अनुपयुक्त हमदर्दी आपराधिक न्यायिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकती है.’

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अदालत ने दोषी की अपील को खारिज कर दिया और कहा कि शिकायतकर्ता की गवाही भरोसा करने लायक है और ऐसा कोई कारण नहीं है कि वह युसूफ को झूठा फंसाएगा.(इनपुट भाषा से)

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