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This Article is From Aug 15, 2017

IIT Kharagpur : जाते-जाते प्रोफेसर के जबरन रिटायरमेंट को अमान्य ठहरा गए प्रणब मुखर्जी

राजीव कुमार ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में होने वाली धांधली का खुलासा किया था जिसके बाद उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी.

IIT Kharagpur : जाते-जाते प्रोफेसर के जबरन रिटायरमेंट को अमान्य ठहरा गए प्रणब मुखर्जी
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
  • आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर राजीव कुमार अब राहत की सांस ले सकते हैं.
  • आईआईटी प्रवेश परीक्षा में होने वाली धांधली का खुलासा किया था
  • उच्च न्यायालय में यह मामला अब भी लंबित है.
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नई दिल्ली: आईआई़टी खड़गपुर के प्रोफेसर राजीव कुमार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (अब पूर्व) अपने पद से जाते-जाते राहत दे गए हैं. राजीव कुमार ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में होने वाली धांधली का खुलासा किया था जिसके बाद उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी. बलपूर्वक रिटायरमेंट दिए जाने के मामले में आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर राजीव कुमार अब राहत की सांस ले सकते हैं. इसका श्रेय पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को जाता है. 

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प्रणब मुखर्जी ने पिछले महीने अपना पद छोड़ने से कई दिन पहले कुमार को दी गई सजा को रद्द कर दिया था. मानव संसाधन मंत्रालय ने पिछले हफ्ते आईआईटी-खड़गपुर के निदेशक को प्रणब मुखर्जी के फैसले का अनुपालन करने का आदेश जारी किया था.

एचआरडी मंत्रालय के आदेश के मुताबिक 'मुझे प्रोफेसर राजीव कुमार द्वारा 3 सितंबर 2014 को दाखिल की गई याचिका का जिक्र करने का निर्देश दिया गया है और यह कहने का कि भारत के राष्ट्रपति ने आईआईटी-खड़गपुर के कुलाध्यक्ष होने की अपनी क्षमता से अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा को निरस्त कर दिया है.

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संस्थान द्वारा बनाए गए पैनल के फैसले को कुमार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी और आईआईटी के फैसले पर स्टे हासिल कर लिया था. लेकिन उच्च न्यायालय में यह मामला अब भी लंबित है.

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