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This Article is From Aug 06, 2017

अदालत ने बाल अपराधी की जान को खतरा बताते हुए जमानत देने से किया इनकार

विशाल सूरी की हत्या के मामले में आरोपी है नाबलिग

अदालत ने बाल अपराधी की जान को खतरा बताते हुए जमानत देने से किया इनकार
दिल्ली के एक कोर्ट ने एक बाल अपराधी को जमानत देने से इनकार कर दिया है.
  • दो विरोधी गुटों के बीच विवाद को लेकर हत्या हुई
  • आशंका है कि नाबालिग फिर से अपराध कर सकता है
  • बाल अपराधी के पिता का दावा कोर्ट ने खारिज किया
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नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने हत्या के आरोपी बाल अपराधी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि सुधार गृह के बाहर उसकी जान को खतरा है और इस बात की आशंका है कि वह फिर से अपराध कर सकता है. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

अदालत ने जेजेबी के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि अगर उसे राहत दी गई तो वह सबूत के साथ छेड़छाड़ कर सकता है. 24 मार्च को अपराध के समय लड़का मात्र 15 साल का था. वह विशाल सूरी की हत्या के मामले में आरोपी है. दो विरोधी गुटों के बीच विवाद को लेकर यह हत्या हुई और इस मामले में अन्य आरोपी फरार है.

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अश्वनि कुमार सरपाल ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि हालांकि जेजे कानून में बाल अपराधी को जमानत देना अनिवार्य है लेकिन वह जमानत देने से इनकार कर सकते हैं अगर इस बात पर भरोसा करने की वजह है कि वह किसी अन्य परिचित अपराधी के संपर्क में आ सकता है.

VIDEO : मुद्दा बाल अपराधियों को सबक देने का


बाल अपराधी के पिता ने दावा किया था कि वह अपने बेटे को दिल्ली के बाहर एक बोर्डिंग स्कूल में भेज देंगे. अदालत ने कहा कि वह टेम्पो चालक हैं जो महीने में 15 हजार रुपये कमाता है और उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह कैसे इसका खर्च वहन करेंगे.

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