प्रतीकामत्मक फोटो
नई दिल्ली:
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुए रागिनी हत्याकांड के सिलसिले में दो और आरोपियों- ग्राम प्रधान और उसके भतीजे ने भी शुक्रवार को सीजेएम की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. न्यायालय ने दोनों हत्यारोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के बजहां गांव निवासी जितेंद्र दुबे की बेटी रागिनी (17) की स्कूल जाते वक्त मंगलवार को हत्या कर दी गई थी. जितेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने बजहां के प्रधान कृपाशंकर तिवारी, उसके पुत्र प्रिंस तिवारी, भतीजा सोनू तिवारी व नीरज तिवारी और राजू यादव के खिलाफ धारा 147, 148, 302, 354 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। मंगलवार को ही मुख्य आरोपी प्रिंस और बुधवार को राजू यादव को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस का सारा ध्यान फरार चल रहे प्रधान समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर था, लेकिन पुलिस को चकमा देते हुए तीसरे आरोपी नीरज तिवारी ने गुरुवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था. मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट अमित मालवीय की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए उसे जेल भेज दिया था. वहीं शुक्रवार को रागिनी की हत्या के आरोपी प्रधान कृपाशंकर तिवारी और उसके भतीजे सोनू तिवारी ने समर्पण कर दिया। अदालर्त ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
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इनपुट : आईएनएस
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