(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- गैंग के लोग वारदात को अंजाम देने के लिए नाबालिगों को चुनते थे.
- 8 मार्च को पुलिस ने पहाड़गंज से किया गिरफ्तार.
- आरोपियों में एक महिला भी शामिल है.
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नई दिल्ली:
बड़े घरानों की शादियों में पहुंच कर वहां से मंहगे और कीमती सामान चुराने वाले ऐसे तीन लोगों को गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं जिनमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों से, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र(एनसीआर) में पांच सितारा होटलों, बैंक्वेट हॉल और फार्महाउसों में आयोजित विवाह समारोहों में चोरी के कई मामले सामने आए. पुलिस को संदेह था कि बच्चों को अपराध के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस गैंग के सदस्य मंहगी शादी पार्टियों में अच्छी ड्रेस पहन कर भीड़ में घुल मिल जाते और जिससे उन्हें कोई पहचान नहीं पाता था. इसी के चलते सीसीटीवी फुटेज में भी उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता.
आरोपी 'राजा दादा गैंग' के लोगों ने 15 से अधिक ऐसी शादियों में पहुंच कर लोगों को बड़ी चपत लगाई थी. पुलिस ने कहा कि गैंग के लोग वारदात को अंजाम देने के लिए नाबालिगों को चुनते थे जो बैग चुराने में माहिर होते थे. जानकारी देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि 8 मार्च को पुलिस ने पहाड़गंज से गैंग के मुखिया राजकुमार उर्फ दादा(42), रीमा उर्फ दाखन(30) और भूपेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया.
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पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि रीमा बाई ऐसी बड़ी पार्टियों में मंहगी, कीमती सामान चुराने के लिए नाबालिगों को ट्रेन किया करती थी. उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें इसकी एवज में गैंग के सदस्य नाबालिगों के अभिभावकों को 60 से 80 हजार रुपए मंथली की सैलरी देते थे. कुमार ने कहा किशोरों को उनके प्रशिक्षण के दौरान पॉश इलाके में रखा गया था और उन्हें अच्छी तरह से तैयार होने के साथ ही चाकू और कांटा से खाने की भी ट्रेनिंग दी गई थी.
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एक बार ट्रेनड हो जाने के बाद, किशोरों को पांच सितारा होटलों और हाई-प्रोफाइल स्थानों में शादी समारोहों में भेजा जाता जहां वे भीड़ में घुल मिल जाते और वे नकद और आभूषण वाले बैग की पहचान कर मौका मिलते ही उस पर हाथ साफ कर देते थे. आगे उन्होंने कहा कि गैंग के कई राज्यों में नियोजित वकील भी थे. पुलिस ने कहा कि आरोपी भूपेंद्र शर्मा एक टैक्सी एग्रीगेटर के लिए ड्राइवर के रूप में काम करता था और गिरोह के सदस्यों द्वारा समारोह आदि के स्थानों पर जाने के लिए उसका वाहन इस्तेमाल किया जाता था.
आरोपी 'राजा दादा गैंग' के लोगों ने 15 से अधिक ऐसी शादियों में पहुंच कर लोगों को बड़ी चपत लगाई थी. पुलिस ने कहा कि गैंग के लोग वारदात को अंजाम देने के लिए नाबालिगों को चुनते थे जो बैग चुराने में माहिर होते थे. जानकारी देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि 8 मार्च को पुलिस ने पहाड़गंज से गैंग के मुखिया राजकुमार उर्फ दादा(42), रीमा उर्फ दाखन(30) और भूपेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया.
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एक बार ट्रेनड हो जाने के बाद, किशोरों को पांच सितारा होटलों और हाई-प्रोफाइल स्थानों में शादी समारोहों में भेजा जाता जहां वे भीड़ में घुल मिल जाते और वे नकद और आभूषण वाले बैग की पहचान कर मौका मिलते ही उस पर हाथ साफ कर देते थे. आगे उन्होंने कहा कि गैंग के कई राज्यों में नियोजित वकील भी थे. पुलिस ने कहा कि आरोपी भूपेंद्र शर्मा एक टैक्सी एग्रीगेटर के लिए ड्राइवर के रूप में काम करता था और गिरोह के सदस्यों द्वारा समारोह आदि के स्थानों पर जाने के लिए उसका वाहन इस्तेमाल किया जाता था.
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