
युवराज सिंह ने भारत के लिए आखिरी वनडे जून 2017 में खेला था (फाइल फोटो)
मोनाको:
लंबे अरसे से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे विस्फोटक बल्लेबाज युवराज सिंह ने साफ किया है कि वे 2019 तक क्रिकेट खेलते रहेंगे और उसके बाद ही संन्यास पर फैसला लेंगे. युवी ने 18वें लारेस विश्व खेल पुरस्कारों से इतर बातचीत में यह विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि ‘मैं आईपीएल 2018 में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं. मेरे लिये यह काफी अहम टूर्नामेंट है क्योंकि इससे 2019 तक खेलने की दिशा तय होगी. मैं 2019 तक खेलना चाहता हूं और उसके बाद आगे के लिये फैसला लूंगा.’ गौरतलब है कि चंडीगढ़ के युवराज ने भारत के लिए आखिरी वनडे जून 2017 में खेला था. उन्होंने कहा कि आईपीएल का आगामी सत्र उनके लिये काफी अहम है क्योंकि इसमें अच्छे प्रदर्शन से वर्ल्डकप 2019 खेलने का उनका दावा पुख्ता होगा.
वर्ष 2011 के वर्ल्डकप में टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में युवराज का अहम योगदान था. वे इस बड़े टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए थे. युवराज की छवि जुझारू खिलाड़ी की है. वर्ल्डकप के बाद कैंसर से जंग जीतकर वे फिर मैदान पर लौटे. उन्होंने कहा कि उनके कैरियर में एकमात्र मलाल यह रहेगा कि वह टेस्ट टीम में जगह पक्की नहीं कर सके. युवी ने कहा,‘मेरे कैरियर के पहले छह सात साल में मुझे ज्यादा मौके नहीं मिले क्योंकि उस समय टेस्ट टीम में बेहतरीन खिलाड़ी थे. जब मौका मिला तो मुझे कैंसर हो गया तो यह मलाल तो हमेशा रहेगा लेकिन चीजें आपके हाथ में नहीं होती.’
वीडियो: वेस्टइंडीज के खिलाफ कुछ खास नहीं कर सके युवराज युवराज सिंह ने भारतीय कप्तान विराट कोहली और टीम की तारीफ की जिसने दक्षिण अफ्रीका में वनडे और टी20 सीरीज जीती है. उन्होंने कहा,‘यह बेहतरीन प्रदर्शन रहा. टेस्ट सीरीज हारने के बाद भारत ने शानदार वापसी की और कोहली ने मोर्चे से अगुवाई की. स्पिनरों का प्रदर्शन शानदार रहा खासकर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव का. विदेश दौरे पर तीन सीरीज खेलना और उनमें से दो जीतना बताता है कि भारतीय टीम का कितना दबदबा रहा.’उन्होंने कहा,‘अब भारतीय टीम का लक्ष्य इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में जीतना होगा.अगर लगातार यही प्रदर्शन करते रहे तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा.’ (इनपुट: PTI)
With the legendary #SteveWaugh the man of Steel. Someone who we truly looked up to #gutsandglory #monaco #legend @LaureusSport pic.twitter.com/VcWXBYuCEo
— yuvraj singh (@YUVSTRONG12) February 26, 2018
वर्ष 2011 के वर्ल्डकप में टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में युवराज का अहम योगदान था. वे इस बड़े टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए थे. युवराज की छवि जुझारू खिलाड़ी की है. वर्ल्डकप के बाद कैंसर से जंग जीतकर वे फिर मैदान पर लौटे. उन्होंने कहा कि उनके कैरियर में एकमात्र मलाल यह रहेगा कि वह टेस्ट टीम में जगह पक्की नहीं कर सके. युवी ने कहा,‘मेरे कैरियर के पहले छह सात साल में मुझे ज्यादा मौके नहीं मिले क्योंकि उस समय टेस्ट टीम में बेहतरीन खिलाड़ी थे. जब मौका मिला तो मुझे कैंसर हो गया तो यह मलाल तो हमेशा रहेगा लेकिन चीजें आपके हाथ में नहीं होती.’
वीडियो: वेस्टइंडीज के खिलाफ कुछ खास नहीं कर सके युवराज युवराज सिंह ने भारतीय कप्तान विराट कोहली और टीम की तारीफ की जिसने दक्षिण अफ्रीका में वनडे और टी20 सीरीज जीती है. उन्होंने कहा,‘यह बेहतरीन प्रदर्शन रहा. टेस्ट सीरीज हारने के बाद भारत ने शानदार वापसी की और कोहली ने मोर्चे से अगुवाई की. स्पिनरों का प्रदर्शन शानदार रहा खासकर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव का. विदेश दौरे पर तीन सीरीज खेलना और उनमें से दो जीतना बताता है कि भारतीय टीम का कितना दबदबा रहा.’उन्होंने कहा,‘अब भारतीय टीम का लक्ष्य इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में जीतना होगा.अगर लगातार यही प्रदर्शन करते रहे तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा.’ (इनपुट: PTI)
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