लखनऊ में पहले टी20 मुकाबले में विंडीज अगर 171 रन का स्कोर खड़ा करने में सफल रहा, तो उसकी सबसे बड़ी वजहों में एक कप्तान शाई होप भी थे. होप के 37 गेंदों पर 6 चौकों और 2 छक्कों से बनाए 52 रन के योगदान से विंडीज 171 रन तक बनाने में सफल रहा. लेकिन विश्वास कीजिए कि आज धोनी के घरेलू मैदान रांची में ऐसा होने नहीं जा रहा है. वजह यह है कि टीम श्रेयस अय्यर के पास पावर-प्ले का इक्का है! पावर प्ले बोले, तो शुरुआती छह ओवरों का प्रदर्शन. और यह इक्का हैं लेफ्टी स्पिनर अक्षर पटेल. अब आप कहेंगे कि अक्षर पटेल तो पिछले मैच में भी थे, फिर इस बार नया क्या है. चलिए डिटेल से जानिए.
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अक्षर पटेल हैं पावर-प्ले का इक्का!
और पटेल इस साल टी0 विश्व कप के बाद से ही एक नए रूप में सामने हैं. रणनीति ने लगातार काम किया है, तो कप्तान ने शुरुआती छह ओवरों में गेंद उनकी ओर उछालने में देर नहीं लगाई. विश्व कप के बाद से अक्षर पटेल दुनिया के सबसे बेहतरीन पावरप्ले गेंदबाजों में से एक रहे हैं. और उन्होंने 15 ओवरों में 8 विकेट लिए हैं, जबकि उनकी इकॉनमी रेट 4.71 रही है. जब भारत ने सबसे छोटे प्रारूप में अपने बड़े खिलाड़ियों को आराम दिया है, तब अक्षर भारत के लिए एक बेहद भरोसेमंद गेंदबाज साबित हुए हैं, जो अक्सर पावरप्ले के अंदर दो ओवर गेंदबाजी करने की जिम्मेदारी उठाते हैं.
लखनऊ में पहले मैच में भी छोड़ी छाप
लखनऊ में पहले टी20 मैच में उन दो ओवरों में से एक ओवर मेडन था जिसमें एक विकेट भी शामिल था और साथ ही एक रन-आउट भी हुआ था. मतलब अक्षर ने पावर-प्ले में छाप तो लखनऊ में ही छोड़ दी थी. हां यह बात जरूर अलग है कि शाई होप उनसे किसी तरह बच गए थे, लेकिन इस बार रांची में ऐसा न होने की बात हम कह रहे हैं, तो उसके पीछे ठोस वजह भी है.
लखनऊ में काम कर गई होप की रणनीति
पूरे दौर में विंडीज की सबसे बड़ी होप कप्तान होप रहे हैं. पहले मैच में, पावरप्ले के दौरान अक्षर की जिन चार गेंदों का उन्होंने सामना किया, उन पर उन्होंने कोई भी आक्रामक शॉट नहीं खेला. शायद वह स्ट्राइक अपने बाएं हाथ के साथी शिमरोन हेटमायर को देना चाहते थे. उनके पास अक्षर को मध्यम गति के गेंदबाज की तरह खेलकर उन पर हावी होने की काबिलियत है. पर आज इसमें रांची की पिच और इसका कन्फ्यूजन होप पर भारी पड़ेगा. होप बार-बार सोचने पर मजबूर होंगे कि इस पिच पर क्या करूं, क्या न करूं.
पिच का पेंच होप पर भी लागू!
जनवरी 2023 के बाद से रांची में कोई भी रात का टी20 मैच नहीं खेला गया है. तब न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ 176 रन का सफलतापूर्वक बचाव किया था. हालांकि यह पहलू टॉस जीतने के बाद पहले बैटिंग करने का फैसला लेने के लिए कोई इशारा नहीं है. इशारा इसलिए नहीं है क्योंकि मैच तीन साल बाद हो रहा है . दूसरी बात यहां खेले गए 10 नाइट मैचों में 200 का आंकड़ा सिर्फ एक बार पार हुआ है. बात यह है कि रांची की पिच काफी धीमी है और यहां स्ट्रोक खेलना आसान नहीं है और रन निकालना भी.
विंडीज बल्लेबाजों का इतिहास रहा है उन्हें ऐसी पिचों पर संघर्ष करना पड़ता रहा है. वहीं, रांची में रात के टी20 मैच इतने कम होते हैं कि यह कहना मुश्किल है कि पिच कैसा बर्ताव करेगी. यही वजह है कि आज लखनऊ के मुकाबले पटेल यानी टीम इंडिया के पावर-प्ले के इक्के का पलड़ा दोगुना भारी है.
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