
नई दिल्ली:
पिछले दिनों बहुत ही मुश्किल यो-यो टेस्ट में फेल होने वाले सीनियर खिलाड़ियों और टीम इंडिया के युवाओं को कोच रवि शास्त्री ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जरिए युवा खिलाड़ियों के सामने नजीर पेश की है. साथ ही, शास्त्री ने पूर्व कप्तान के आलोचकों पर जमकर बरसते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए एक ऐसी बात कही, जो इन आलोचकों के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों के लिए भी चुनौती से कम नहीं है. वैसे धोनी ने इसका सबूत कुछ दिन पहले भी दिया था, जब टीम के युवा ऑलराउंडर हार्दिक पटेल ने धोनी के साथ रेस लगाई थी.
शास्त्री ने यह भी कहा कि धोनी में खामियां तलाशने की बजाय आलोचकों को अपने करियर का विश्लेषण करना चाहिए. पिछले कुछ अर्से में धोनी की बतौर बल्लेबाज काफी आलोचना हुई है. हालांकि उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में उम्दा प्रदर्शन करके अपने आलोचकों को खामोश किया. शास्त्री ने कहा ,‘हम मूर्ख नहीं हैं. मैं पिछले 30 -40 साल से यह खेल देख रहा हूं. विराट भी एक दशक से टीम का हिस्सा है'.
यह भी पढ़ें : IND VS SL: इसलिए रोहित शर्मा की 'यह बड़ी समस्या' बनी रवि शास्त्री का सिर दर्द!
पिछले दिनों मुख्य चयनकर्ता एमएके प्रसाद ने भी हाल ही में साफ तौर पर कहा था कि युवा खिलाड़ियों में कोई भी उनके समकक्ष नहीं है. शास्त्री ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा, ‘यदि पूर्व क्रिकेटर खुद को आइने में देखें और सवाल करें कि वे 36 बरस की उम्र में क्या थे. क्या वे दो रन इतनी तेजी से भाग सकते थे. जब तक वे दो रन लेते , धोनी तीन रन भाग लेता है. उसने दो विश्व कप जीते और 51 की औसत से अभी तक वनडे टीम में उसकी जगह लेने लायक कोई विकेटकीपर नहीं है. जो लोग आलोचना कर रहे हैं, वे भूल गए हैं कि उन्होंने भी क्रिकेट खेला है'.
शास्त्री ने कहा, ' धोनी का विकल्प तलाशना आसान नहीं है. वह भारत में ही नहीं , दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक है. उसके पास ऐसे गुण है जो बाजार में नहीं मिलते हैं . यह आपको कहीं और नजर नहीं आएंगे. वह टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलता है जिसके मायने है कि वह 2019 विश्व कप तक क्रिकेट खेल सकता है ।’
VIDEO : जानिए धोनी ने कुछ दिन पहले युवाओं को कहां टिप्स दिए
कोच रवि शास्त्री ने अपने बयान में धोनी के बारे में सबसे बड़ी बात कहते हुए टीम के युवा खिलाड़ियों को आइना दिखाया. उन्होंने कहा, हमें पता है कि धोनी 36 साल की उम्र में भी 26 साल के खिलाड़ियों पर भारी है'.
शास्त्री ने यह भी कहा कि धोनी में खामियां तलाशने की बजाय आलोचकों को अपने करियर का विश्लेषण करना चाहिए. पिछले कुछ अर्से में धोनी की बतौर बल्लेबाज काफी आलोचना हुई है. हालांकि उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में उम्दा प्रदर्शन करके अपने आलोचकों को खामोश किया. शास्त्री ने कहा ,‘हम मूर्ख नहीं हैं. मैं पिछले 30 -40 साल से यह खेल देख रहा हूं. विराट भी एक दशक से टीम का हिस्सा है'.
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पिछले दिनों मुख्य चयनकर्ता एमएके प्रसाद ने भी हाल ही में साफ तौर पर कहा था कि युवा खिलाड़ियों में कोई भी उनके समकक्ष नहीं है. शास्त्री ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा, ‘यदि पूर्व क्रिकेटर खुद को आइने में देखें और सवाल करें कि वे 36 बरस की उम्र में क्या थे. क्या वे दो रन इतनी तेजी से भाग सकते थे. जब तक वे दो रन लेते , धोनी तीन रन भाग लेता है. उसने दो विश्व कप जीते और 51 की औसत से अभी तक वनडे टीम में उसकी जगह लेने लायक कोई विकेटकीपर नहीं है. जो लोग आलोचना कर रहे हैं, वे भूल गए हैं कि उन्होंने भी क्रिकेट खेला है'.
शास्त्री ने कहा, ' धोनी का विकल्प तलाशना आसान नहीं है. वह भारत में ही नहीं , दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक है. उसके पास ऐसे गुण है जो बाजार में नहीं मिलते हैं . यह आपको कहीं और नजर नहीं आएंगे. वह टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलता है जिसके मायने है कि वह 2019 विश्व कप तक क्रिकेट खेल सकता है ।’
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कोच रवि शास्त्री ने अपने बयान में धोनी के बारे में सबसे बड़ी बात कहते हुए टीम के युवा खिलाड़ियों को आइना दिखाया. उन्होंने कहा, हमें पता है कि धोनी 36 साल की उम्र में भी 26 साल के खिलाड़ियों पर भारी है'.
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