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This Article is From Jan 07, 2015

SC में याचिका खारिज, BCCI को चुकाने ही होंगे 18 करोड़ रु

SC में याचिका खारिज, BCCI को चुकाने ही होंगे 18 करोड़ रु

बोर्ड ऑफ क्रिकेट कंट्रोल इन इंडिया यानी बीसीसीआई को सुप्रीम कोर्ट की ओर से करारा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें बोर्ड ने मैच रिकॉर्डिंग करवाने के मामले में 18 करोड़ रुपये के सर्विस टैक्स देने को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बोर्ड को यह राशि सर्विस टैक्स विभाग को देनी ही होगी।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि बीसीसीआई एक सर्विस प्रोवाइडर है। वह जो भी करता है, उसे 'सर्विस' नहीं माना जाए, तो और क्या माना जाए। दरअसल, बीसीसीआई ने साल 2006 से 2010 के बीच क्रिकेट मैचों की रिकॉर्डिंग करवाई थी। इस मामले में सेंट्रल एक्साइज ऐंड सर्विस टैक्स ट्रिब्यूनल ने बीसीसीआई को सर्विस टैक्स के 18 करोड़ रुपये जमा कराने के आदेश दिए थे जिसके खिलाफ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट में बोर्ड की तरफ से कहा गया कि बोर्ड ने इन मैचों के लिए स्टेडियम में कैमरे लगाए थे और कैमरामैन ने ये मैच रिकॉर्ड किए थे लेकिन बोर्ड ने अपनी ओर से कोई कार्यक्रम नहीं बनाया था। इसलिए यह सर्विस टैक्स का मामला नहीं बनता।

बोर्ड ने इस मामले में शादी का उदाहरण भी दिया। कहा गया कि कोई व्यक्ति शादी के इवेंट के लिए कैमरा लगाता है और शादी के लिए रिकॉर्डिंग करता है। ऐसे में उस व्यक्ति पर सर्विस टैक्स नहीं लगाया जा सकता। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी दलीलों को खारिज कर दिया।

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बीसीसीआई, सर्विस टैक्स, सुप्रीम कोर्ट