सुनील गावस्कर ने कुंबले के मसले पर COA के तौर-तरीके पर भी सवाल उठाए...
- पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने NDTV पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी
- कहा - वो रामचंद्र गुहा के आरोपों से बहुत दुखी हैं
- कहा - मैंने इतने साल भारतीय क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया
नई दिल्ली:
क्रिकेट प्रशासक (COA) के सदस्य रामचंद्र गुहा की विस्फ़ोटक चिट्ठी के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने NDTV पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि वो इन आरोपों से बहुत दुखी हैं. गावस्कर ने कहा, "मैंने इतने साल भारतीय क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया और भारतीय क्रिकेट से भी मुझे बहुत ज़्यादा मिला. मैं ना तो चयनकर्ता हूं न कोई अधिकारी और न ही मेरे पास कोई पावर है तो फिर मैं कैसे हितों का टकराव कर रहा हूं?"
गौरतलब है कि गुहा ने अपनी चिट्ठी में नाम लेकर सुनील गावस्कर पर आरोप लगाए थे कि PMG कंपनी में गावस्कर की हिस्सेदारी होते हुए वो कैसे BCCI के कॉमेन्टेटर हो सकते हैं?
सुनील गावस्कर ने कुंबले के मसले पर COA के तौर-तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "कुंबले की कोचिंग में भारत सिर्फ़ एक टेस्ट हारा. उनकी अगुआई में भारत मैच दर मैच जीतता रहा. मैं जानना चाहता हूं कि अगर उनका तरीका ठीक नहीं है तो फिर कौन-सा तरीका सही है?"
उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के विवाद का खिलाड़ियों पर असर पड़ता है. उनके मुताबिक इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल ख़राब होता है. भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर उनका मानना है कि पाकिस्तान का अनुभव कम है. इसलिए चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अगले मैच में भारत का पलड़ा भारी है. वो ये भी कहते हैं कि मैच से पहले विराट पर दबाव डालना ठीक नहीं है. उनके मुताबिक रोहित शर्मा अगर टीम को अच्छी शुरुआत देते हैं तो टीम की जीत की उम्मीद बढ़ जाएगी.
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सनी कहते हैं कि टीम को पांच बल्लेबाज़ और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए. वो कहते हैं, "बर्मिंघम का मैदान बड़ा है. ऐसे में अश्विन और जडेजा को फ़ायदा हो सकता है. उन्हें छक्का मारना आसान नहीं होगा." वो मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज़ी का संतुलन बहुत अच्छा है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले के साथ इस पूरे टूर्नामेंट में भारत को फ़ायदा हो सकता है."
गौरतलब है कि गुहा ने अपनी चिट्ठी में नाम लेकर सुनील गावस्कर पर आरोप लगाए थे कि PMG कंपनी में गावस्कर की हिस्सेदारी होते हुए वो कैसे BCCI के कॉमेन्टेटर हो सकते हैं?
सुनील गावस्कर ने कुंबले के मसले पर COA के तौर-तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "कुंबले की कोचिंग में भारत सिर्फ़ एक टेस्ट हारा. उनकी अगुआई में भारत मैच दर मैच जीतता रहा. मैं जानना चाहता हूं कि अगर उनका तरीका ठीक नहीं है तो फिर कौन-सा तरीका सही है?"
उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के विवाद का खिलाड़ियों पर असर पड़ता है. उनके मुताबिक इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल ख़राब होता है. भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर उनका मानना है कि पाकिस्तान का अनुभव कम है. इसलिए चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अगले मैच में भारत का पलड़ा भारी है. वो ये भी कहते हैं कि मैच से पहले विराट पर दबाव डालना ठीक नहीं है. उनके मुताबिक रोहित शर्मा अगर टीम को अच्छी शुरुआत देते हैं तो टीम की जीत की उम्मीद बढ़ जाएगी.
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सनी कहते हैं कि टीम को पांच बल्लेबाज़ और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए. वो कहते हैं, "बर्मिंघम का मैदान बड़ा है. ऐसे में अश्विन और जडेजा को फ़ायदा हो सकता है. उन्हें छक्का मारना आसान नहीं होगा." वो मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज़ी का संतुलन बहुत अच्छा है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले के साथ इस पूरे टूर्नामेंट में भारत को फ़ायदा हो सकता है."
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