
नई दिल्ली:
इंडियन प्रीमियर लीग में शुरू से ही दबदबा बनाए रखने वाली चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम इस सत्र में मुंबई इंडियन्स से दोनों मैच गंवाने के बावजूद मंगलवार को फिरोजशाह कोटला में होने वाले पहले क्वालीफायर में बड़े मैचों के अपने अपार अनुभव के दम पर बदला चुकता करने की कोशिश करेगी।
स्पॉट फिक्सिंग के भंवर में फंसे आईपीएल का यह मैच यदि उम्मीद के मुताबिक रोमांचक होता है, तो इससे क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान विवादों से इतर खेल पर भी केंद्रित होगा। दोनों टीमों का यह घरेलू मैदान नहीं है। उनके पास कई स्टार खिलाड़ी हैं और ऐसे में फाइनल में पहुंचने की इस पहली जंग में रणनीति के अनुसार खेलने वाली टीम की संभावना बढ़ जाएंगी।
चेन्नई और मुंबई दोनों ने ही लीग चरण में समान 22 अंक लेकर पहला क्वालीफायर खेलने का हक पाया। चेन्नई नेट रन रेट के आधार पर शीर्ष पर रहा, लेकिन इससे अब कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। पहले दो स्थान पर रहने के कारण चेन्नई और मुंबई दोनों को ही फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलेंगे। इन दोनों के बीच मुकाबले में मंगलवार को जो भी टीम जीतेगी, वह सीधे 26 मई को कोलकाता में होने वाले फाइनल में चली जाएगी, जबकि हारने वाली टीम एलिमिनेटर के विजेता के साथ 24 मई को दूसरा क्वालीफायर खेलेगी।
एलिमिनेटर राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच 22 मई को खेला जाएगा। चेन्नई की टीम दो बार आईपीएल चैंपियन और दो बार उप विजेता रह चुकी है। मुंबई केवल एक बार 2010 में फाइनल में पहुंचा था, जहां उसे चेन्नई ने 22 रन से हरा दिया था। इस तरह से चेन्नई को बड़े मैचों में खेलने का अच्छा अनुभव है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की टीम वर्तमान में केवल मुंबई के सामने फिसड्डी साबित हुई है।
आईपीएल में मुंबई एकमात्र ऐसी टीम है, जिसके खिलाफ चेन्नई का रिकॉर्ड नकारात्मक (13 मैच में आठ में मुंबई जीता है) रहा है। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली मुंबई अपने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यह दबदबा बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। वह अपनी पिछली जीत से भी प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, लेकिन उसके खिलाड़ी इस तथ्य से भी अच्छी तरह वाकिफ होंगे कि चेन्नई पलटवार करने में भी माहिर है।
मुंबई को स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी, जिन्होंने चेन्नई के खिलाफ हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया है। तेंदुलकर ने चेन्नई के खिलाफ 12 मैचों में 368 रन बनाए हैं। उनके अलावा कप्तान रोहित शर्मा, विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक और कीरोन पोलार्ड पर मुंबई का काफी दारोमदार रहेगा।
चेन्नई की बल्लेबाजी इस सत्र में पूरी तरह से माइकल हसी, सुरेश रैना और धोनी के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इन तीनों में से किन्हीं दो बल्लेबाजों को लसिथ मलिंगा, मिशेल जॉनसन, हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा जैसे गेंदबाजों के सामने टिककर खेलना होगा। ओझा पिछले दोनों मैचों में चेन्नई के बल्लेबाजों के लिए अबूझ पहेली बने रहे और कोटला की स्पिनरों की मददगार पिच पर बाएं हाथ के इस स्पिनर से निबटना आसान नहीं होगा। ओझा ने इन दो मैचों में मिलाकर 27 रन देकर पांच विकेट लिए।
चेन्नई के लिए गेंदबाजी में इस बार ड्वेन ब्रावो ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके नाम पर 16 मैचों में 25 विकेट दर्ज हैं। उनके अलावा मध्यम गति के गेंदबाज मोहित शर्मा और अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर भी दारोमदार रहेगा। चेन्नई ने इस बार कोटला में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ जो मैच खेला था, उसमें मोहित और अश्विन ने जानदार प्रदर्शन करके अपनी टीम को 86 रन से जीत दिलाई थी।
दूसरी तरफ मुंबई को तेंदुलकर की अर्धशतकीय पारी के बावजूद कोटला में खेले गए मैच में हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई को यहां की पिच पर रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है। उसने कोटला में जो पांच मैच खेले हैं, उनमें से तीन में उसे हार मिली। इसके विपरीत चेन्नई ने यहां चार मैचों में से तीन में जीत दर्ज की है। ये दोनों टीमें आईपीएल के नॉकआउट में अब तक दो बार आमने सामने रही हैं और दोनों अवसरों पर चेन्नई को जीत मिली। चेन्नई जहां इस सत्र की हार को दिल से लगाए बैठा है, वहीं मुंबई नॉकआउट की हार का हिसाब कोटला में पूरा करना चाहेगा। दोनों ही टीमें लीग चरण में अपना आखिरी मैच गंवाने के बाद यहां नए जोश और जज्बे के साथ उतरेंगी और संभावना है कि दर्शकों को रोमांचक मैच देखने को मिलेगा।
स्पॉट फिक्सिंग के भंवर में फंसे आईपीएल का यह मैच यदि उम्मीद के मुताबिक रोमांचक होता है, तो इससे क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान विवादों से इतर खेल पर भी केंद्रित होगा। दोनों टीमों का यह घरेलू मैदान नहीं है। उनके पास कई स्टार खिलाड़ी हैं और ऐसे में फाइनल में पहुंचने की इस पहली जंग में रणनीति के अनुसार खेलने वाली टीम की संभावना बढ़ जाएंगी।
चेन्नई और मुंबई दोनों ने ही लीग चरण में समान 22 अंक लेकर पहला क्वालीफायर खेलने का हक पाया। चेन्नई नेट रन रेट के आधार पर शीर्ष पर रहा, लेकिन इससे अब कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। पहले दो स्थान पर रहने के कारण चेन्नई और मुंबई दोनों को ही फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलेंगे। इन दोनों के बीच मुकाबले में मंगलवार को जो भी टीम जीतेगी, वह सीधे 26 मई को कोलकाता में होने वाले फाइनल में चली जाएगी, जबकि हारने वाली टीम एलिमिनेटर के विजेता के साथ 24 मई को दूसरा क्वालीफायर खेलेगी।
एलिमिनेटर राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच 22 मई को खेला जाएगा। चेन्नई की टीम दो बार आईपीएल चैंपियन और दो बार उप विजेता रह चुकी है। मुंबई केवल एक बार 2010 में फाइनल में पहुंचा था, जहां उसे चेन्नई ने 22 रन से हरा दिया था। इस तरह से चेन्नई को बड़े मैचों में खेलने का अच्छा अनुभव है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की टीम वर्तमान में केवल मुंबई के सामने फिसड्डी साबित हुई है।
आईपीएल में मुंबई एकमात्र ऐसी टीम है, जिसके खिलाफ चेन्नई का रिकॉर्ड नकारात्मक (13 मैच में आठ में मुंबई जीता है) रहा है। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली मुंबई अपने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यह दबदबा बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। वह अपनी पिछली जीत से भी प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, लेकिन उसके खिलाड़ी इस तथ्य से भी अच्छी तरह वाकिफ होंगे कि चेन्नई पलटवार करने में भी माहिर है।
मुंबई को स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी, जिन्होंने चेन्नई के खिलाफ हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया है। तेंदुलकर ने चेन्नई के खिलाफ 12 मैचों में 368 रन बनाए हैं। उनके अलावा कप्तान रोहित शर्मा, विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक और कीरोन पोलार्ड पर मुंबई का काफी दारोमदार रहेगा।
चेन्नई की बल्लेबाजी इस सत्र में पूरी तरह से माइकल हसी, सुरेश रैना और धोनी के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इन तीनों में से किन्हीं दो बल्लेबाजों को लसिथ मलिंगा, मिशेल जॉनसन, हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा जैसे गेंदबाजों के सामने टिककर खेलना होगा। ओझा पिछले दोनों मैचों में चेन्नई के बल्लेबाजों के लिए अबूझ पहेली बने रहे और कोटला की स्पिनरों की मददगार पिच पर बाएं हाथ के इस स्पिनर से निबटना आसान नहीं होगा। ओझा ने इन दो मैचों में मिलाकर 27 रन देकर पांच विकेट लिए।
चेन्नई के लिए गेंदबाजी में इस बार ड्वेन ब्रावो ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके नाम पर 16 मैचों में 25 विकेट दर्ज हैं। उनके अलावा मध्यम गति के गेंदबाज मोहित शर्मा और अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर भी दारोमदार रहेगा। चेन्नई ने इस बार कोटला में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ जो मैच खेला था, उसमें मोहित और अश्विन ने जानदार प्रदर्शन करके अपनी टीम को 86 रन से जीत दिलाई थी।
दूसरी तरफ मुंबई को तेंदुलकर की अर्धशतकीय पारी के बावजूद कोटला में खेले गए मैच में हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई को यहां की पिच पर रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है। उसने कोटला में जो पांच मैच खेले हैं, उनमें से तीन में उसे हार मिली। इसके विपरीत चेन्नई ने यहां चार मैचों में से तीन में जीत दर्ज की है। ये दोनों टीमें आईपीएल के नॉकआउट में अब तक दो बार आमने सामने रही हैं और दोनों अवसरों पर चेन्नई को जीत मिली। चेन्नई जहां इस सत्र की हार को दिल से लगाए बैठा है, वहीं मुंबई नॉकआउट की हार का हिसाब कोटला में पूरा करना चाहेगा। दोनों ही टीमें लीग चरण में अपना आखिरी मैच गंवाने के बाद यहां नए जोश और जज्बे के साथ उतरेंगी और संभावना है कि दर्शकों को रोमांचक मैच देखने को मिलेगा।
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