
बांग्लादेश के खिलाफ मैच के दौरान भारतीय टीम की फील्डिंग कमजोर कड़ी साबित हुई (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
निधास ट्रॉफी त्रिकोणीय टी20 सीरीज में बांग्लादेश के खिलाफ मिली जीत के बाद टीम इंडिया ने राहत की सांस ली है. पहले मैच में मेजबान श्रीलंका के खिलाफ मिली हार के बाद भारत के लिए इस मैच में जीत हासिल करना जरूरी हो गया था. भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ यह मैच भले ही आसानी से 6 विकेट से जीता लेकिन इसके बावजूद टीम के प्रदर्शन को उच्च स्तर का नहीं माना जा सकता. खासकर गेंदबाजी के दौरान तो भारतीय टीम बिखरी-बिखरी नजर आई. मैच के दौरान कुछ ऐसे कमजोर क्षेत्र नजर आए जिसमें खिलाड़ियों को तुरंत सुधार करना जरूरी है. टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने भी मैच में टीम की फील्डिंग को स्तरीय नहीं माना. इन 4 क्षेत्रों में भारतीय टीम को सुधार की जरूरत है..टीम के नए खिलाड़ियों को इस दिशा में खास ध्यान देना होगा. भारतीय फील्डरों ने काफी कैच छोड़े
इस मैच में भारतीय टीम की फील्डिंग बेहद खराब रही. भारतीय फील्डरों ने करीब आधा दर्जन कैच टपकाए. ऐसा लगा कि भारतीय फील्डरों के हाथ में बटर लगा हुआ है और गेंद उनके हाथ से फिसल रही है. क्षेत्ररक्षण के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी दिखा. दो खिलाड़ियों के बीच गिरे कैचों के दौरान भी किसी खिलाड़ी ने 'कॉल' (कैच पकड़ने को लेकर) नहीं किया, इस कारण ये मौके भी हाथ से जाते रहे. सुरेश रैना जैसे 'सेफ फील्डर' ने भी मैच में आसान कैच छोड़ा. वाशिंगटन सुंदर और विजय शंकर से भी कैच ड्रॉप हुए. ग्राउंड फील्डिंग भी बिखरी-बिखरी नजर आई. भारतीय टीम को अगले मैचों में फील्डिंग सुधारनी होगी. वाइड और नोबॉल के रूप में दिए कई अतिरिक्त रन
मैच में भारतीय खिलाड़ियों की गेंदबाजी में अनुशासन नहीं दिखा. हालांकि उन्होंने जल्दी-जल्दी बांग्लादेश के विकेट झटके लेकिन इस दौरान वाइड के रूप में अतिरिक्त रन भी विपक्षी टीम को तोहफे में दिए. मैच में भारतीय गेंदबाजों ने 11 वाइड फेंकी. हरफनमौला विजय शंकर ने दो नोबॉल भी फेंकी. भारतीय गेंदबाजों ने इस तरह 13 अतिरिक्त गेंदें फेंकी. नजदीकी मुकाबले में यह कमजोरी टीम को भारी पड़ सकती है. बेहद जल्दी में नजर आए रोहित शर्मा
रोहित शर्मा इन दोनों मैचों में जल्दबाजी दिखाते हुए आउट हुए. श्रीलंका के खिलाफ मैच में तो वे खाता भी नहीं खोल पाए. दूसरे मैच में वे 17 रन की पारी खेल पाए. उन्होंने सेट हुए बिना बहुत अधिक आक्रामक रुख अख्तियार करने का खामियाजा भुगता. रोहित की बल्ले से नाकामी के कारण रन बनाने का जिम्मा काफी कुछ शिखर धवन पर आ गया. वैसे भी, इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी का भार बहुत कुछ शिखर धवन और मनीष पांडे ने ही उठाया है.
वीडियो: गावस्कर ने चहल और कुलदीप को बताया निडर गेंदबाज
महंगे साबित हो रहे तेज गेंदबाज
भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी का भार जयदेव उनादकट और शारदुल ठाकुर के हाथ में है लेकिन दोनों ही मैचा में ये महंगे साबित हुए. बांग्लादेश के खिलाफ मैच में उनादकट ने तीन विकेट लिए, लेकिन इसके लिए उन्होंने चार ओवर में 9.50 रन प्रति ओवर के औसत से 38 रन दिए. श्रीलंका के खिलाफ मैच में शारदुल ठाकुर के एक ओवर में 27 रन बने थे. बांग्लादेश के 139 रन के छोटे स्कोर के दौरान भी उन्होंने चार ओवर में 25 रन दिए और दो वाइड भी फेंकी. विजय शंकर ने कल के मैच में दो विकेट तो लिए लेकिन वे वाइड और नोबॉल की समस्या से जूझते नजर आए. तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिनर वाशिंगटन सुंदर और युजवेंद्र चहल किफायती रहे.
इस मैच में भारतीय टीम की फील्डिंग बेहद खराब रही. भारतीय फील्डरों ने करीब आधा दर्जन कैच टपकाए. ऐसा लगा कि भारतीय फील्डरों के हाथ में बटर लगा हुआ है और गेंद उनके हाथ से फिसल रही है. क्षेत्ररक्षण के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी दिखा. दो खिलाड़ियों के बीच गिरे कैचों के दौरान भी किसी खिलाड़ी ने 'कॉल' (कैच पकड़ने को लेकर) नहीं किया, इस कारण ये मौके भी हाथ से जाते रहे. सुरेश रैना जैसे 'सेफ फील्डर' ने भी मैच में आसान कैच छोड़ा. वाशिंगटन सुंदर और विजय शंकर से भी कैच ड्रॉप हुए. ग्राउंड फील्डिंग भी बिखरी-बिखरी नजर आई. भारतीय टीम को अगले मैचों में फील्डिंग सुधारनी होगी.
मैच में भारतीय खिलाड़ियों की गेंदबाजी में अनुशासन नहीं दिखा. हालांकि उन्होंने जल्दी-जल्दी बांग्लादेश के विकेट झटके लेकिन इस दौरान वाइड के रूप में अतिरिक्त रन भी विपक्षी टीम को तोहफे में दिए. मैच में भारतीय गेंदबाजों ने 11 वाइड फेंकी. हरफनमौला विजय शंकर ने दो नोबॉल भी फेंकी. भारतीय गेंदबाजों ने इस तरह 13 अतिरिक्त गेंदें फेंकी. नजदीकी मुकाबले में यह कमजोरी टीम को भारी पड़ सकती है.
रोहित शर्मा इन दोनों मैचों में जल्दबाजी दिखाते हुए आउट हुए. श्रीलंका के खिलाफ मैच में तो वे खाता भी नहीं खोल पाए. दूसरे मैच में वे 17 रन की पारी खेल पाए. उन्होंने सेट हुए बिना बहुत अधिक आक्रामक रुख अख्तियार करने का खामियाजा भुगता. रोहित की बल्ले से नाकामी के कारण रन बनाने का जिम्मा काफी कुछ शिखर धवन पर आ गया. वैसे भी, इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी का भार बहुत कुछ शिखर धवन और मनीष पांडे ने ही उठाया है.
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महंगे साबित हो रहे तेज गेंदबाज
भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी का भार जयदेव उनादकट और शारदुल ठाकुर के हाथ में है लेकिन दोनों ही मैचा में ये महंगे साबित हुए. बांग्लादेश के खिलाफ मैच में उनादकट ने तीन विकेट लिए, लेकिन इसके लिए उन्होंने चार ओवर में 9.50 रन प्रति ओवर के औसत से 38 रन दिए. श्रीलंका के खिलाफ मैच में शारदुल ठाकुर के एक ओवर में 27 रन बने थे. बांग्लादेश के 139 रन के छोटे स्कोर के दौरान भी उन्होंने चार ओवर में 25 रन दिए और दो वाइड भी फेंकी. विजय शंकर ने कल के मैच में दो विकेट तो लिए लेकिन वे वाइड और नोबॉल की समस्या से जूझते नजर आए. तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिनर वाशिंगटन सुंदर और युजवेंद्र चहल किफायती रहे.
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