क्रिकेट की दुनिया में ऐसे भी निजी रिकॉर्ड बनते हैं, जिन्हें न ही कोई बल्लेबाज हासिल करना चाहता है. और न ही कोई बॉलर या फील्डर, लेकिन जब नियति में लिखा होता है, तो फिर भला कौन बच सकता है! दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार को डरबन में शुरू हुए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई ओपनर निक मैडनिसन की करीब दस साल बाद टीम में वापसी हुई, लेकिन उनके माथे पर अनचाहा धब्बा लग गया. ऑस्ट्रेलिया के लिए 3 टेस्ट खेल चुके मैडनिसन ने शायद ही सोचा कि एक दशक बाद चौथे टेस्ट में उन्हें यह बदनामी झेलनी पड़ेगी. लेकिन उनके माथे पर टेस्ट इतिहास में तीसरे सबसे ज्यादा देर तक पिच पर टिकने के बाद शून्य पर आउट होने वाले ओपनर का ठप्पा लग ही गया.
मिला 10 साल बाद मौका, माथे पर लगा कलंक
निक मैडिंसन, जिनका आखिरी टेस्ट दिसंबर 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ था को ओपनिंग करने के लिए भेजा गया, लेकिन वह प्रोटियाज की नई गेंद की जोड़ी मार्को यान्सेन और वियान मुल्डर के खिलाफ खाता खोलने के लिए संघर्ष करते नजर आए. और पारी के 11वें ओवर में आउट होने से पहले खाता खोलने की पुरजोर कोशिश करने के बावजूद वह खाता नहीं खोल सके. लेकिन इस कोशिश में मैडिंसन ने 33 गेंद खेलीं, जो टेस्ट इतिहास में किसी ओपनर के शून्य पर आउट होने से पहले तीसरी सबसे ज्यादा खाली गेंदों की संख्या रही
अपना खाता खोलने के लिए बेताब मैडिंसन ने 11वें ओवर में यान्सेन की गुड लेंथ गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले से लगकर स्टंप्स पर जा लगी, जिससे उनके एक दशक लंबे वनवास के बाद वापसी का अंत बेहद निराशाजनक रहा। मैडिंसन का यह शून्य (डिफेंसिव डक) पुरुषों के टेस्ट इतिहास में ओपनर्स द्वारा खेला गया तीसरा सबसे लंबा डक था, जिसमें केवल ट्रेवर ग्रिपर (36 गेंदें) और डारिन मरे (39 गेंदें) ने बिना खाता खोले इससे अधिक गेंदों का सामना किया है.
टेस्ट इतिहास में शून्य पर आउट होने से पहले सबसे ज्यादा गेंद खेलने वाले शीर्ष 5 ओपनर
| बल्लेबाज | देश | गेंद खेलीं | बनाम | साल |
| डेरिन मरे | न्यूज़ीलैंड | 39 | श्रीलंका | 1995 |
| ट्रेवर ग्रिपर | ज़िम्बाब्वे | 36 | वेस्टइंडीज | 2000 |
| निक मैडिंसन | ऑस्ट्रेलिया | 33 | दक्षिण अफ्रीका | 2026 |
| मार्क डेकर | ज़िम्बाब्वे | 30 | श्रीलंका | 1994 |
| ब्रायन लकहर्स्ट | इंग्लैंड | 29 | ऑस्ट्रेलिया | 1971 |
18 महीने पहले खेला आखिरी फर्स्ट क्लास मैच
मैडिंसन ने आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लगभग 18 महीने पहले मार्च 2025 में खेला थ. उन्होंने इस अवधि के दौरान स्टिकुलर कैंसर से उबरकर वापसी की. मैडिंसन को सीरीज के पहले मैच से जोश इंग्लिस के उंगली की चोट के कारण बाहर होने के बाद टेस्ट टीम में बुलाया गया था. ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने इस फैसले के पीछे लचीलेपन (फ्लेक्सिबिलिटी) को वजह बताया क्योंकि मैडिंसन बल्लेबाजी क्रम में कहीं भी खेल सकते हैं. लेकिन ऐसा साफ दिख रहा है कि पिछले 18 महीने के दौरान कोई फर्स्ट क्लास मैच न खेलना उन्हें खासा भारी पड़ा है.
तमाम नाकाम, ओपनरों का अकाल!
इससे ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की समस्याएं और उजागर हो गई. साल 2025 की शुरुआत के बाद से ट्रेविस हेड और मैडिंसन की जोड़ी उनकी सातवीं अलग ओपनिंग जोड़ी थी. इसमें 2025-26 एशेज के मेलबर्न टेस्ट में स्कॉट बोलैंड के ओपनिंग करने को शामिल नहीं किया गया है. अगस्त में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी पिछली सीरीज में भी उन्होंने हेड के साथ जेक वेदरल्ड और मैट रेनशॉ को ओपनिंग में उतारा था, लेकिन उन्हें खास सफलता नहीं मिली थी. उस्मान ख्वाजा के संन्यास के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने हेड और बोलैंड के अलावा चार अलग-अलग ओपनर्स को आजमाया है. वेदरल्ड का कार्यकाल सबसे लंबा छह मैचों का रहा, जिसमें वह 21.9 की औसत से केवल 219 रन ही बना सके. रेनशॉ, लाबुशेन और मैडिंसन ने एक-एक बार ओपनिंग की है.
F. A.Q.= FREQUENTLY ASKED QUESTIONS
प्र.1:- निक मैडिंसन ने अपने 10 साल लंबे टेस्ट करियर के बाद वापसी पर कितने ओवर बल्लेबाजी की और वह बिना खाता खोले आउट क्यों हुए?
उ.:- निक मैडिंसन ने पारी के 11वें ओवर में आउट होने से पहले 33 गेंदों का सामना किया. वह मार्को यान्सेन की एक गुड लेंथ गेंद पर कट शॉट खेलने के प्रयास में असफल रहे और गेंद बल्ले से लगकर सीधे स्टंप्स पर जा लगी, जिससे वह बिना खाता खोले (डिफेंसिव डक पर) आउट हो गए.
प्र.2:- टेस्ट क्रिकेट इतिहास में शून्य पर आउट होने से पहले सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का रिकॉर्ड किन खिलाड़ियों के नाम है?
उ.:- पुरुषों के टेस्ट इतिहास में बिना खाता खोले (डिफेंसिव डक) सबसे अधिक गेंदों का सामना करने के मामले में ट्रेवर ग्रिपर (36 गेंदें) पहले और डारिन मरे (39 गेंदें) दूसरे स्थान पर हैं, जबकि निक मैडिंसन (33 गेंदें) इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं.
प्र.3:- निक मैडिंसन को लगभग 10 साल बाद टेस्ट टीम में वापस क्यों बुलाया गया था?
उ.:- सीरीज के पहले मैच से जोश इंग्लिस के उंगली में चोट के कारण बाहर होने के बाद निक मैडिंसन को टेस्ट टीम में बुलाया गया था. मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने इसके पीछे उनकी बल्लेबाजी क्रम में कहीं भी खेलने की क्षमता (फ्लेक्सिबिलिटी) को मुख्य वजह बताया था।
प्र.4:- मैदान पर वापसी करने से पहले निक मैडिंसन ने किस गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना किया था?
उ.:- निक मैडिंसन ने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच मार्च 2025 में खेला था और इस अवधि के दौरान वह टेस्टिकुलर कैंसर से सफलतापूर्वक जंग जीतकर क्रिकेट के मैदान पर वापस लौटे थे.
प्र.5:- उस्मान ख्वाजा के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ओपनिंग जोड़ी को लेकर किस तरह की समस्या से जूझ रही है?
उ.:- उस्मान ख्वाजा के संन्यास के बाद से ऑस्ट्रेलिया की ओपनिंग में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं. साल 2025 की शुरुआत से लेकर अब तक ट्रेविस हेड के साथ जेक वेदरल्ड, मैट रेनशॉ, स्कॉट बोलैंड और निक मैडिंसन सहित कुल सात अलग-अलग ओपनिंग जोड़ियों को आजमाया जा चुका है, जिससे टीम में ओपनरों का अकाल स्पष्ट रूप से उजागर हुआ है.
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