विज्ञापन

NDTV EXCLUSIVE: कौन है भारत की पहली ट्रांसजेंडर अंपायर रितिका श्री, सपना है ‘एमएस धोनी से मिलना, IPL और इंटरनेशनल मैच में अंपायरिंग करना'

Who is Rithika Sri, The first transgender umpire from India: रितिका श्री ने भारतीय क्रिकेट में पहली ट्रांसजेंडर अंपायर बनकर इतिहास रच दिया है, जो इस खेल के लिए एक अभूतपूर्व क्षण है. सेलम की रहने वाली एक ट्रांसवुमन, रितिका ने 2024 में अपना जेंडर ट्रांज़िशन करवाया और वह 2021 से सेलम और कोयंबटूर में अंपायरिंग कर रही हैं.

NDTV EXCLUSIVE: कौन है भारत की पहली ट्रांसजेंडर अंपायर रितिका श्री, सपना है ‘एमएस धोनी से मिलना, IPL और इंटरनेशनल मैच में अंपायरिंग करना'
Who is First transgender umpire from India

Rithika Sri has made history: अपने परिवार से लेकर अपने मोहल्ला, स्कूल, कॉलेज और फिर एक आईटी कंपनी की नौकरी करते हुए भी रितिका श्री को हर रोज़, हर लम्हा सबके ताने सुनने पड़ते, लताड़ खातीं, शक भरी निगाहें उनका पीछा करतीं, चिढ़ातीं और वो ख़ौफ़ज़दा हो जातीं. 31 साल की उम्र तक ये उनके हर दिन का रूटिन बना रहा. और फिर, IPL के एक क्रिकेट मैच ने उनकी दुनिया बदल दी. उस क्रिकेट मैच के ज़रिये एक नया जीवन मिलने की शुरुआत हो गई. 

तमिलनाडु में सेलम जिले के एलमपिल्लाई (ElllamPillai) के सिद्दरकोविल (Siddarkovil) मोहल्ले  की रहनेवाली की 31 साल की रितिका ने कोयंबटूर, सेलम और नामाक्कल ज़िलों में 300 से ज़्यादा क्रिकेट मैचों में अंपायरिंग की है. रितिका, का नाम पहले आर मुथुराज था और उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की डिग्री ले रखी है. 

भारत और दुनिया में तकरीबन 0.5% से लेकर 1% तक (यानी तकरीबन 8 करोड़ तक) ट्रान्सजेन्डर्स की संख्या बताई जाती है. लेकिन भारत समेत दुनिया भर में कम या ज़्यादा ट्रान्सजेन्डर्स को उपेक्षा सहनी ही पड़ती है. वैसे इस सोच में बदलाव ज़रूर आ रहा है. क्रिकेट और दूसरे खेल भी इसका ज़रिया बन रहे हैं. 

महात्मा गांधी ने कहा था, “सच्चे लोकतंत्र की परख यही है कि वो कतार में खड़े आखिरी आदमी तक पहुँचे.” उनका कहना था, “लोकतंत्र का असली इम्तिहान यह है कि उसमें सबसे कमज़ोर आदमी की आवाज़ सुनी जाती है या नहीं."

अपनी निजी ज़िन्दगी में संघर्ष करती हुईं रितिका श्री ने 2018 में एमएस धोनी और रोहित शर्मा की टीमों को IPL के एक मैच में देखा और क्रिकेट और अंपायरिंग के लिए उनका प्यार जाग गया. उन्होंने फ़ैसला किया, ‘अब बस यही करना है!' NDTV संवादताता विमल मोहन ने EXCLUSIVE बात करते हुए उन्होंने अपने संघर्ष से लेकर सपने तक के बारे में खुलकर बात की. 

सवाल: आपने तकरीबन 300 घरेलू मैचों में अंपायरिंग की है, ट्रान्सजेन्डर रितिका श्री के अंपायरिंग के सफ़र की शुरुआत कब-कहां-कैसे हुई?

रितिका श्री: मुझे क्रिकेट से प्यार है और मुझे अंपायरिंग पसंद है. इसलिए ट्रान्सजेंडर महिला बनने से पहले मैंने बतौर पुरुष अंपायर 300 से ज़्यादा मैचों में सेलम ज़िला क्रिकेट संघ के लीग मैचों में रोल अदा किया. लेकिन मेरे ऑपरेशन के बाद सेलम ज़िला क्रिकेट संघ ने मुझे अंपायरिंग देनी बंद कर दी. फिर मुझे यू जयरामन सर (सेलम ज़िला क्रिकेट संघ अंपायरिंग कमेटी के चेयरमैन), डी रमेश कुमार और चंद्रमौलि सर (सेक्रेटरी कोयंबटूर ज़िला क्रिकेट संघ) ने मेरी काफ़ी मदद की. इन सबकी वजह से मैं बड़े सपने देख पा रही हूं. 

सवाल: आपके लिए अबतक सबसे बड़ा संघर्ष आपके लिए क्या रहा?

रितिका श्री: मेरा संघर्ष तो परिवार से ही शुरू हो गया. परिवार भी इसे एक्सेप्ट (स्वीकार) करने को तैयार नहीं था. दोस्त ना के बराबर होते थे. मोहल्ले से लेकर स्कूल और कॉलेज में हर दिन मेरे लिए वक्त गुज़ारना बेहद डरावना साबित होता था. ताने और लताड़ तो आम बात थी. दो भाई और पांच बहनों के परिवार में मेरी दूसरी बहन चिन्नापूर्णा ने मेरी बहुत मदद की. उन्होंने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा. 

सोसाइटी तो मेरे लुक को लेकर ही मुझे जज करता रहा. ट्रान्सजेंडर बनने के बाद मैं पहले मैच में अंपायरिंग के लिए गई तो गार्ड ने मुझे मैदान के अंदर ही नहीं जाने दिया. मैंने ज्वाइंट सेक्रेटरी महालिंगम और रंजीत सर को फ़ोन किया फिर मुझे मैदान में जाने का मौक़ा मिला. ऑपरेशन से पहले मैंने सेलम ज़िला क्रिकेट संघ से अनुमति भी मांगी थी जो उन्होंने दे तो दी. लेकिन मैच में अपायरिंग की ड्यूटी नहीं दी. आख़िरकार कोयंबटूर क्रिकेट संघ के चंद्रमौलि सर ने बहुत मदद की और मैं यहां अंपायरिंग कर पाई. 

सवाल: आगे क्या करना चाहती हैं, क्या प्लान है?

रितिका श्री: IPL 2026 के बाद जून महीने में तमिलनाडु क्रिकेट संघ, अंपायरों का बोर्ड इम्तिहान ले रहा है जहां 300 से 400 अंपायर परीक्षा देने आ सकते हैं. मैं भी इस एंट्रेंस परीक्षा में हिस्सा लेकर अपनी किस्मत आज़माना चाहती हूं. फ़िलहाल तो यही प्लान है. मैंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा डिग्री ले रखी है. मैं इससे पहले मोहाली की एक आईटी कंपनी में कस्टमर केयर एक्ज़ेक्यूटिव भी थी. लेकिन अब क्रिकेट ही मेरे लिए सबकुछ है. क्रिकेट ही मेरा करियर है.  

सवाल: आपका सपना क्या है?

रितिका श्री: क्रिकेट से मुझे बेहद प्यार है. अंपायरिंग ही करना चाहती हूं. क्रिकेट से जुड़कर मुझे सुकून मिलता है. मेरा सपना है कि मैं एक दिन आईपीएल के मैच में और भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग करूं. मेरा सपना है कि मैं विराट कोहली, रोहित शर्मा और एमएस धोनी के मैचों में अंपायरिंग कर सकूं. मैं एमएस धोनी की बहुत बड़ी फ़ैन हूं. उनसे मिलना भी मेरा एक बड़ा सपना है.

ये भी पढ़ें- Video: भगवान से क्या मांगते हैं वैभव, 'कोई पर्सनल होकर बोले तो बुरा तो लगता ही है..' यह कहकर वैभव सूर्यवंशी ने कैसे ले लिया बदला!

ये भी पढ़ें-  Riyan Parag vaping row: वेपिंग की रियान पराग को मिली सजा, अब राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ एक्शन में BCCI, जल्द उठाएगा सख्त कदम

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com